मध्य प्रदेश बना उद्योगों की पहली पसंद! निवेश अनुकूल नीतियों से बढ़ा भरोसा, CM डॉ. मोहन यादव ने कही बड़ी बात

मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मुंबई में देश के प्रमुख उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन बैठकों में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इनसे प्रदेश में लगभग 14,375 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, सेमीकंडक्टर, औद्योगिक गैस, विद्युत पारेषण, टायर निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और अधोसंरचना सहित कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उद्योग समूहों ने मध्य प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने और मौजूदा परियोजनाओं का विस्तार करने में रुचि दिखाई।
प्राप्त प्रस्तावों में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 71,289 करोड़ रुपये, टेक्सटाइल में 5,000 करोड़ रुपये, फार्मास्यूटिकल्स में 2,280 करोड़ रुपये, रियल एस्टेट में 1,000 करोड़ रुपये, केमिकल उद्योग में 400 करोड़ रुपये और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। सरकार का लक्ष्य इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारकर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करना है।
युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, पर्याप्त औद्योगिक भूमि, विकसित होती अधोसंरचना और कुशल कार्यबल निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराते हैं। राज्य सरकार उद्योगों को भूमि, बिजली, पानी, सड़क, ऊर्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल वातावरण दिया जा रहा है। निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
मुंबई में आयोजित ‘मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आरपीजी, वेलस्पन, आईनॉक्स, भिलोसा, इप्का और सन फार्मा समूहों के प्रमुखों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इनमें निवेश योजनाओं, संभावित औद्योगिक स्थलों, परियोजनाओं के क्रियान्वयन और आवश्यक सुविधाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
आरपीजी समूह जबलपुर में निवेश की संभावनाएं तलाशेगा
आरपीजी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका के साथ बैठक में विद्युत पारेषण, टायर निर्माण और आईटी क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई। समूह ने जबलपुर में विद्युत पारेषण क्षेत्र में निवेश की इच्छा जताई।
टायर निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए रतलाम, सागर और जबलपुर संभावित स्थलों के रूप में सामने आए। इसके अलावा उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क की प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के उपयोग और संभावित निवेश स्थलों का दौरा करने पर भी चर्चा हुई।
आरपीजी समूह की प्रमुख कंपनियों में केईसी इंटरनेशनल, सिएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। केईसी इंटरनेशनल पहले से ही मध्य प्रदेश में विद्युत पारेषण अधोसंरचना के विकास में योगदान दे रही है।
वेलस्पन समूह टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क में करेगा निवेश की संभावनाओं का आकलन
वेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप गर्ग के साथ हुई बैठक में पाइप निर्माण, टेक्निकल टेक्सटाइल और अधोसंरचना परियोजनाओं पर चर्चा की गई।
समूह ने मिल की भूमि पर टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क विकसित करने और वहां एंकर यूनिट स्थापित करने में रुचि दिखाई। इसके लिए कंपनी अपनी टीम भेजकर संभावित स्थल का निरीक्षण करेगी।
बैठक में वेलस्पन कॉर्प की एमएस लाइन पाइप परियोजना में 150 करोड़ रुपये के निवेश और सिंटेक्स के 700 करोड़ रुपये के प्रगतिरत निवेश पर भी चर्चा हुई। समूह ने सड़क एवं राजमार्ग निर्माण के साथ जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन परियोजनाओं में भी सहभागिता की संभावनाएं तलाशने की बात कही।
आईनॉक्स स्थापित करेगा सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस संयंत्र
आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ जैन के साथ औद्योगिक गैस और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई। कंपनी की योजना मध्य प्रदेश में करीब 1,260 करोड़ रुपये के निवेश से अति-उच्च शुद्धता वाला सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस संयंत्र स्थापित करने की है। इसमें अप्रैल 2029 से उत्पादन शुरू करने का प्रस्ताव है।
परियोजना से आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा मिलने के साथ 320 से अधिक स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा विशेष गैसों के उत्पादन के लिए लगभग 1,200 करोड़ रुपये के संभावित निवेश पर भी विचार किया गया। इसके लिए करीब 40 एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता, गेल के आपूर्ति नेटवर्क, निवेश प्रोत्साहन, बिजली सब्सिडी, वित्तीय सहायता और समयबद्ध स्वीकृतियों जैसे विषयों पर चर्चा हुई। कंपनी इंदौर और भोपाल में वर्ष 2000 से कार्यरत है तथा प्रदेश में अपनी औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करने की संभावनाएं तलाश रही है।
भिलोसा इंडस्ट्रीज की ₹7,500 करोड़ निवेश योजना
भिलोसा इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक संदीप जैन ने मुख्यमंत्री के सामने मध्य प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से 7,500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना प्रस्तुत की। इससे लगभग 3,750 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
कंपनी ने शुरुआती चरण में करीब 2,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश से काम शुरू करने की योजना बताई। धार स्थित पीएम मित्र पार्क में टेक्सटाइल निर्माण के लिए 200 एकड़ और सहायक इकाइयों के लिए अतिरिक्त 100 एकड़ भूमि की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
कंपनी ने वर्ष 2028 से उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। प्रस्तावित परियोजना में पॉलिएस्टर यार्न, फाइबर, निटेड फैब्रिक और मानव निर्मित फाइबर आधारित कपड़ों का एकीकृत विनिर्माण किया जाएगा। साथ ही सूक्ष्म और लघु सहायक इकाइयों को भी विकसित करने की संभावनाएं हैं।
इप्का के देवास और उज्जैन में ₹1,080 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
इप्का लैबोरेटरीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी अजीत कुमार जैन के साथ बैठक में देवास और उज्जैन में प्रस्तावित परियोजनाओं पर चर्चा हुई।
कंपनी ने देवास में 1,000 करोड़ रुपये और उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में 80 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। दोनों परियोजनाओं से लगभग 1,500 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इनमें देवास में करीब 1,000 और उज्जैन में 500 रोजगार शामिल हैं।
बैठक में रतलाम के प्रस्तावित बायोटेक पार्क में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। कंपनी की मध्य प्रदेश में रतलाम, पीथमपुर, इंदौर, भोपाल और देवास में सात विनिर्माण सुविधाएं हैं, जिनसे लगभग 7,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार जुड़े हुए हैं।
सन फार्मा की पीथमपुर परियोजना में ₹3,000 करोड़ का निवेश
सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप सांघवी के साथ पीथमपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड परियोजना पर चर्चा हुई। कंपनी इस परियोजना में करीब 3,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है।
परियोजना के अंतर्गत भारत, अमेरिका, यूरोप और अन्य बाजारों के लिए औषधि फॉर्मूलेशन की विनिर्माण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे 1,750 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इनमें लगभग 1,250 प्रत्यक्ष और 500 अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं।
बैठक में पीथमपुर के सेक्टर-7 में भूमि, आवश्यक अनुमतियों और अधोसंरचना से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिसंबर 2026 तक जल, बिजली और सड़क जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा कंपनी के बड़े सौर ऊर्जा प्रकल्प के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान और आवंटन पर भी चर्चा हुई। सन फार्मा ने रतलाम में प्रस्तावित फार्मा पार्क में निवेश की संभावनाओं पर विचार करने में रुचि दिखाई। कंपनी देवास में वर्ष 1984 से कार्यरत है और प्रदेश में उसके फॉर्मूलेशन एवं एपीआई संयंत्रों में करीब 3,958 कर्मचारी कार्यरत हैं।
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मध्य प्रदेश में औद्योगिक विस्तार को मिलेगा बढ़ावा
मुंबई में हुई इन बैठकों से मध्य प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, फार्मा, टेक्सटाइल, सेमीकंडक्टर, आईटी और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। यदि प्रस्तावित परियोजनाएं निर्धारित योजनाओं के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो प्रदेश में औद्योगिक उत्पादन, स्थानीय रोजगार और सहायक उद्योगों के विकास को बढ़ावा मिल सकता है।
राज्य सरकार का जोर निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, परियोजनाओं की प्रक्रियाओं को आसान बनाने और निवेश प्रस्तावों को वास्तविक औद्योगिक इकाइयों में बदलने पर है।

