
ओटावा । कनाडा की सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी ने रविवार को जस्टिन ट्रूडो की जगह मार्क कार्नी को नया प्रधानमंत्री चुन लिया है। तीन प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ आसानी से नेतृत्व की दौड़ जीतने वाले मार्क कार्नी अगले आम चुनाव में लिबरल पार्टी की ओर से चुनाव लड़ेंगे। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ धमकियों के कारण कनाडा की अर्थव्यवस्था प्रभावित होने वाली है। 9 वर्षों तक प्रधानमंत्री पद संभालने वाले ट्रूडो ने चौतरफा दबाव के बीच जनवरी में ही अपने इस्तीफे की घोषणा की थी।
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पूर्व केंद्रीय बैंक गवर्नर कार्नी ने रविवार को लिबरल पार्टी का नेता चुनने के लिए हुए मतदान में 85.9 फीसदी वोटों के साथ शानदार जीत हासिल की। उन्होंने तीन मजबूत प्रतिद्वंद्वियों पूर्व कैबिनेट मंत्री करीना गोल्ड, पूर्व वित्त मंत्री और उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड और पूर्व लिबरल सांसद फ्रैंक बेलिस को आसानी से हराया।
1965 में नॉर्थवेस्ट टेरिटरीज के फोर्ट स्मिथ में जन्मे कार्नी ने हार्वर्ड में अपनी पढ़ाई की। वे ब्रिटेन और कनाडा के केंद्रीय बैंकों के प्रमुख रह चुके हैं। बैंक ऑफ कनाडा के चीफ रहे कार्नी ने अपने कार्यकाल में वित्तीय संकटों का सामना किया। 2008 के वित्तीय संकट से कनाडा कई अन्य देशों की तुलना में तेजी से उबरा था। 2013 में वे बैंक ऑफ इंग्लैंड के प्रमुख बने।
हालांकि मार्क कार्नी ने कभी कोई निर्वाचित पद नहीं संभाला और वे संसद के सदस्य भी नहीं हैं। अमेरिका के साथ बढ़ते टकराव को देखते हुए आगामी चुनाव में यह मुद्दा सबसे मजबूत होकर उभरेगा कि अमेरिका से मिल रही चुनौतियों और उसके साथ संबंधों को संभालने वाला बेहतर चेहरा कौन होगा। कनाडा में बढ़ती राष्ट्रवादी लहर ने आगामी संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी की संभावनाएं बढ़ा दी हैं।

