देश-विदेश

Moon Rocket Crash: चांद से टकराने वाला है SpaceX का ‘आवारा’ रॉकेट, जानें टक्कर के बाद क्या होगा

Moon Rocket Crash: अंतरिक्ष में भटक रहा SpaceX का एक पुराना रॉकेट अगले कुछ ही दिनों में चांद से टकराने वाला है। यह ‘आवारा’ रॉकेट एक साल से ज्यादा समय पहले 2 मून लैंडर्स को अंतरिक्ष में पहुंचाने के बाद खाली हो गया था और अब भटकते हुए चांद की सतह से टकराने की दिशा में बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, 5 अगस्त यानी कि बुधवार को रॉकेट का ऊपरी हिस्सा चांद के पश्चिमी हिस्से में स्थित आइंस्टीन क्रेटर के पास गिरेगा। यह टक्कर इतनी तेज होगी कि चांद की सतह पर एक बड़ा सा गड्ढा बन जाएगा और धूल व चट्टानों का बड़ा गुबार अंतरिक्ष में उठेगा।

MP में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का बदलेगा अंदाज! Vision Summit 2026 के एजेंडे में ये बड़े मुद्दे

8700 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से होगी टक्कर

अंतरिक्ष ट्रैकिंग विशेषज्ञ बिल ग्रे के अनुमान के मुताबिक, रॉकेट करीब 5,400 मील प्रति घंटे या लगभग 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चांद से टकराएगा। यह गति आवाज की रफ्तार से करीब 7 गुना ज्यादा है। यह घटना चांद के उस हिस्से पर होगी जो सूर्य की रोशनी में रहता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अमेरिका और कनाडा के पूर्वी हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण अमेरिका के कई इलाकों से इसे देखने का सबसे अच्छा मौका मिल सकता है। हालांकि टक्कर का समय रात के शुरुआती घंटों में होगा और इसका चमकदार फ्लैश बहुत कमजोर हो सकता है, इसलिए इसे सीधे देख पाना मुश्किल होगा।

कई किमी तक फैलेगा धूल और मलबे का गुबार

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टक्कर के बाद निकलने वाला मलबा कई किलोमीटर तक अंतरिक्ष में फैल सकता है और दूरबीन से इसे कई मिनट तक देखा जा सकता है। लॉस अलामोस नेशनल लेबोरेटरी के वैज्ञानिक बेंजामिन फर्नांडो ने कहा कि चांद पर ग्रैविटी कम है और वहां हवा भी नहीं है, इसलिए धूल को उड़ाकर दूर ले जाने वाली कोई प्रक्रिया नहीं होगी।

बनेगा 90 फीट चौड़ा और 16 फीट गहरा गड्ढा

फर्नांडो के अनुमान के मुताबिक, इस टक्कर से चांद की सतह पर करीब 90 फीट या 27 मीटर चौड़ा और 16 फीट या 5 मीटर गहरा गड्ढा बन सकता है। हालांकि यह गड्ढा पृथ्वी से दिखाई नहीं देगा, लेकिन चांद की कक्षा में मौजूद अंतरिक्ष यान इसे आसानी से रिकॉर्ड कर सकेंगे। नासा का लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर और दक्षिण कोरिया का डानुरी लूनर ऑर्बिटर इस घटना की तस्वीरें टक्कर से पहले और बाद में कैद करेंगे। वैज्ञानिकों के मुताबिक, डानुरी टक्कर से करीब 2 मिनट पहले रॉकेट के एक या दो मील के दायरे से गुजरेगा।

2 मून लैंडर्स को अंतरिक्ष में पहुंचा चुका है रॉकेट

रॉकेट का यह हिस्सा करीब 40 फीट यानी कि 12 मीटर लंबा और लगभग 4,500 किलोग्राम वजन का है। इसे 15 जनवरी 2025 को 2 प्राइवेट मून लैंडर्स को अंतरिक्ष में भेजने के लिए इस्तेमाल किया गया था। इनमें से एक लैंडर फायरफ्लाई एयरोस्पेस का ब्लू घोस्ट था, जिसने निजी अंतरिक्ष यान के रूप में पहली बार पूरी तरह सफल चंद्र लैंडिंग की थी। दूसरा लैंडर जापान की कंपनी आईस्पेस का था, जो चांद पर उतरने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

LPG Price Update: महंगाई से राहत! कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में बड़ी कटौती, जानें छत्तीसगढ़ में क्या हैं नए रेट

क्या पहले भी हो चुकी है कोई ऐसी घटना?

वैज्ञानिकों का कहना है कि प्राकृतिक उल्कापिंडों के टकराने की पहले से जानकारी नहीं मिलती, लेकिन मानव निर्मित वस्तुओं के नियंत्रित तरीके से होने वाले ऐसे प्रभावों का अध्ययन किया जा सकता है। यह पहली बार नहीं है जब कोई खराब पड़ा रॉकेट चांद से टकराएगा। साल 2022 में एक चीनी रॉकेट का हिस्सा चांद के सुदूर हिस्से में गिरा था, जिससे वहां 2 गड्ढे बने थे। नासा ने भी अपोलो मिशन के दौरान रॉकेट के हिस्सों और चंद्र मॉड्यूल को जानबूझकर चांद पर गिराया था, ताकि भूकंपीय अध्ययन किया जा सके। साल 2009 में नासा ने LCROSS मिशन के तहत अपने अंतरिक्ष यान और रॉकेट हिस्से को चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास गिराया था, ताकि वहां बर्फ की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।

news desk

सटीकता, निष्पक्षता और जिम्मेदार पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध, हमारे रिपोर्टर जमीनी स्तर से महत्वपूर्ण खबरों को जुटाकर तथ्यों की पुष्टि के साथ पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। PratidinRajdhani.in के माध्यम से वे समाज, शहर और देश से जुड़ी प्रमुख घटनाओं एवं जनहित के मुद्दों को विश्वसनीय और तथ्यपरक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

Related Articles

Back to top button
12 हजार से भी कम, 8GB रैम और 5G सपोर्ट के साथ 25,000 में ट्रेन से 7 ज्योतिर्लिंग यात्रा, जानें पूरा पैकेज और किराया IRCTC Bharat Gaurav चलेगी 10 पैसे प्रति किलोमीटर e-Luna Prime,सस्ती इलेक्ट्रिक बाइक iPhone से Pixel तक स्मार्टफोन पर बेस्ट डील्स, आज आखिरी मौका