उत्तरप्रदेश

UP में कुदरत का कहर: आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली से 16 लोगों की मौत, सहारनपुर में बाढ़ जैसे हालात, IMD का 46 जिलों में अलर्ट

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में नौतपा की भीषण तपिश के बीच अचानक मौसम ने ऐसी करवट ली कि चारों तरफ तबाही का मंजर देखने को मिला। राज्य के कई हिस्सों में आई तेज आंधी, ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने, पेड़ और टिनशेड ढहने जैसे हादसों में अब तक 16 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। वहीं, सहारनपुर के शाकंभरी देवी इलाके में पहाड़ियों से आए अचानक सैलाब की चपेट में आने से 2 महिलाओं की जान चली गई।

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बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा तबाही
प्रशासन से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा का सबसे ज्यादा असर बुंदेलखंड इलाके में देखा गया, जहां अकेले 10 लोगों की मौत हुई है। इनमें बांदा और हमीरपुर जिलों में 3-3 लोगों ने दम तोड़ा। इसके अलावा रायबरेली, कौशांबी, प्रतापगढ़, आजमगढ़, बलिया, भदोही, आगरा और फतेहपुर समेत दर्जनभर जिलों से भी जनहानि की खबरें हैं, जिनकी पुष्टि के लिए स्थानीय प्रशासन जांच कर रहा है।

गर्मी से मिली राहत, लेकिन फसलों और रेलवे को भारी नुकसान
इस आंधी-पानी की वजह से झुलसाने वाली गर्मी से तो लोगों को राहत मिली है और पारा सामान्य से करीब 8 डिग्री तक नीचे लुढ़क गया है। मौसम विभाग के अनुसार, मिर्जापुर में सबसे ज्यादा 100 मिमी, अयोध्या में 90 मिमी और प्रयागराज में 61 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सीतापुर और झांसी समेत कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। इस तूफान का असर यातायात पर भी पड़ा। कानपुर-उरई रेलखंड और गोरखपुर रूट पर रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने और ओएचई (बिजली की तार) लाइन टूटने से कई ट्रेनें घंटों फंसी रहीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

आज भी संकट टला नहीं, 46 जिलों में चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने साफ किया है कि खतरा अभी टला नहीं है। शनिवार को भी सूबे के 46 जिलों में तेज आंधी-तूफान और 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

एक्शन में CM योगी, अफसरों को दिए राहत के सख्त निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कमान संभाल ली है। उन्होंने सभी प्रभावित जिलों के कप्तानों और जिलाधिकारियों (DMs) को तुरंत फील्ड पर उतरने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि राहत और बचाव कार्य में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नुकसान का तुरंत सर्वे करने और पीड़ित परिवारों तक जल्द से जल्द आर्थिक मदद पहुंचाने की हिदायत दी है।

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