
Naxal : बंदूक छोड़ मुख्यधारा की ओर कदम, चार सक्रिय माओवादियों ने किया सरेंडर
बस्तर। दक्षिण बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान को एक और बड़ी कामयाबी मिली है, जहां 1 फरवरी 2026 को चार सक्रिय माओवादी कैडरों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है;
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आत्मसमर्पण करने वालों में एरिया कमेटी मेंबर (ACM) स्तर के कुख्यात माओवादी शामिल हैं, जो दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे संवेदनशील इलाकों में लंबे समय से सक्रिय रहकर सुरक्षा बलों के साथ कई मुठभेड़ों, एंबुश की घटनाओं, हथियार और विस्फोटक सप्लाई, नेटवर्क विस्तार और ग्रामीणों को डराने-धमकाने जैसी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं,
पुलिस के अनुसार लगातार चल रहे सघन सर्च ऑपरेशन, सुरक्षा बलों की बढ़ती पकड़, विकास कार्यों की पहुंच, सरकार की प्रभावी पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति और संगठन के भीतर बढ़ते दबाव के कारण माओवादी कैडरों का मनोबल टूट रहा है, जिसके चलते वे मुख्यधारा में लौटने का फैसला कर रहे हैं;
आत्मसमर्पण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इन कैडरों पर कई गंभीर मामले दर्ज थे और लंबे समय से इनकी तलाश की जा रही थी, शासन की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सुरक्षा, पुनर्वास, आर्थिक सहायता और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं दी जाएंगी ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें, वहीं पुलिस और प्रशासन ने शेष नक्सलियों से भी अपील की है कि वे हिंसा और बंदूक का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें, क्योंकि क्षेत्र में लगातार बढ़ते विकास कार्य और सुरक्षा व्यवस्था के चलते माओवादी गतिविधियों का दायरा तेजी से सिमटता जा रहा है।

