
NDRF को मिली बड़ी सफलता, मृतक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर युवराज की गाड़ी 72 घंटे बाद बरामद
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत मामले में गड्ढे में गिरी कार को एनडीआरएफ की टीम ने लगभग 72 घंटे बाद बाहर निकाला लिया है। बताया जा रहा है कि गाड़ी के आगे के शीशे टूटे हुए थे और सनरूफ खुला हुआ पाया गया इससे यह साबित होता है कि गाड़ी के दरवाजे नहीं खुले होंगे जिसके कारण युवराज अंदर फसा रह गया होगा फिलहाल पिता की गुहार पर सीएम योगी ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित कर दी है। जो इसकी जांच कर रही है। एसआईटी की की टीम पांच दिन में इसकी रिपोर्ट देगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हरिद्वार में युवराज की अस्थियों का विसर्जन करने के बाद पिता समेत परिजन सोमवार रात करीब 10 बजे अपने निवास स्थान लौटे। परिजनों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात को लेकर शासन स्तर से युवराज के पिता को संदेश प्राप्त हुआ है। अभी हालांकि मुलाकात की तारीख और समय तय नहीं हुआ है। ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि परिजन जल्द ही लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। इस बीच, नोएडा सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय में राज्य आपदा मोचन बल के कर्मी भी पहुंचते दिखे। एसआईटी की बैठक के दौरान संबंधित विभागों से जवाब-तलब और घटनास्थल से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की है।
गौरतलब है कि नोएडा में हुई दुर्घटना में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद दिल्ली पुलिस के प्रमुख ने जिला स्तर के अधिकारियों को सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी में दुर्घटना संभावित और उच्च जोखिम वाले स्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया है। सूत्र के अनुसार, जिला पुलिस उप-आयुक्तों को नगर निकायों, सड़क निर्माण व रख-रखाव संबंधी एजेंसियों और यातायात प्राधिकरणों के साथ मिलकर खतरनाक मार्गों, निर्माण स्थलों और कम रोशनी वाले स्थानों का विस्तृत मूल्यांकन करने का निर्देश दिया गया है। यह कदम हाल ही में पड़ोसी नोएडा में हुई एक दुर्घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें घने कोहरे के बीच एक निर्माण स्थल पर पानी से भरे गड्ढे में कार के गिर जाने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई।
इस घटना के बाद आक्रोश फैल गया। घटना के बाद, नोएडा प्राधिकरण ने एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त किया, अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने का आदेश दिया। पुलिस ने भी पीड़ित परिवार की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की।

