
एनजीओ बेटर भारत ने पूरे किए 100 रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच शिविर
रायपुर:स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कार्यरत एनजीओ बेटर भारत (आरोग्यवंदना मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 100 रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच शिविरों का सफल आयोजन पूरा कर लिया है। यह उपलब्धि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता और जीवनरक्षक रक्तदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एनजीओ बेटर भारत वर्ष 2020 से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सक्रिय है और कैंसर, हृदय रोग तथा न्यूरोलॉजिकल जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए जागरूकता, काउंसलिंग और अस्पतालों के साथ सहयोग के माध्यम से सहायता प्रदान करता रहा है।
संस्था ने मार्च 2025 में अपने प्रमुख अभियान “रक्तदान महादान” की शुरुआत की थी। यह अभियान स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने और लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
इस पहल की शुरुआत कुछ सहयोगी मित्रों के साथ और बिना किसी औपचारिक टीम के की गई थी। लेकिन एक वर्ष के भीतर यह अभियान एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है।
आज संस्था के साथ 5 समर्पित कर्मचारी और 100 से अधिक स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं, जो रक्तदान शिविरों के आयोजन, अस्पतालों एवं ब्लड बैंकों के साथ समन्वय और समाज के लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।
इन शिविरों के माध्यम से सैकड़ों लोगों ने न केवल रक्तदान किया, बल्कि मुफ्त स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श का भी लाभ उठाया, जिससे कई लोगों को समय रहते स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी मिल सकी।
वर्तमान में बेटर भारत की गतिविधियां 4 शहरों तक फैल चुकी हैं, जहां स्थानीय संस्थाओं, अस्पतालों और स्वयंसेवकों के सहयोग से नियमित रूप से रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
संस्था के प्रतिनिधियों का कहना है कि 100 शिविरों की यह उपलब्धि समाज के सहयोग और स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
उन्होंने कहा,
“रक्तदान किसी भी व्यक्ति द्वारा किया जाने वाला सबसे सरल और सबसे बड़ा जीवनदान है। हमारा प्रयास है कि समाज में स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति विकसित हो और हर जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके।”
एनजीओ बेटर भारत आने वाले समय में और अधिक शहरों में रक्तदान शिविरों और स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों का विस्तार करने की योजना बना रहा है तथा समाज, अस्पतालों और कॉरपोरेट संस्थाओं से इस अभियान से जुड़ने की अपील भी की है।

