
गेहूं और आटे की बढ़ रहीं कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार थोक ग्राहकों को गेहूं बेचने की योजना बना रही है। अगले महीने से आटा मिलर्स और बिस्किट निर्माताओं को गेहूं बेचा जाएगा। सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को अपने भंडार से 23,250 रुपये प्रति टन पर गेहूं बेचने की मंजूरी दी है, जो मौजूदा खुले बाजार की कीमतों से करीब 12 फीसदी कम है। हालांकि, एफसीआई ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह खुले बाजार में कितना गेहूं बेचने की योजना बना रही है। एफसीआई ने पिछले साल जून में निजी कंपनियों को गेहूं बेचना शुरू किया था। मार्च, 2024 तक एक करोड़ टन से थोड़ा अधिक गेहूं बेचा गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एक साल में 6% तक बढ़े दाम
एक डीलर ने कहा, एफसीआई आकर्षक दाम पर गेहूं बेचेगा, इसलिए बड़े पैमाने निजी कंपनियां या थोक ग्राहक खरीदारी में दिलचस्पी दिखाएंगे। लगातार पांच रिकॉर्ड फसल के बाद भीषण गर्मी से 2022 और 2023 में गेहूं की फसल को नुकसान हुआ। इससे गेहूं की कीमत एक साल में 6 फीसदी तक बढ़ गई है।

