
ब्राउजर लॉन्च करने की तैयारी में OpenAI
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में क्रांति लाने के बाद चैटजीपीटी मेकर OpenAI अब एक बड़ी प्लानिंग कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी अपने लिए वेब ब्राउजर क्षेत्र में विकल्प तलाश रही है। बताया गया है कि कंपनी ऐसे प्रोडक्ट डिजाइन और वेब ब्राउजर प्रोटोटाइप की तलाश कर रही है। जिसमें चैटजीपीटी की भाषा इनकॉर्पोरेट कैपिबिलिज शामिल हों।
ओपनएआई का यह ब्राउजर ठीक वैसे ही काम करेगा, जैसे गूगल का क्रोम ब्राउजर काम करता है। इस रिपोर्ट में और क्या जानकारी दी गई है। आइए जानते हैं।
ब्राउजर ला रहा ओपनएआई
एक रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI चैटजीपीटी से इंटीग्रेटेड वेब ब्राउजर बनाने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ने प्राइसलाइन, इवेंटब्राइट, रेडफिन और कोंडे नास्ट जैसे डेवलपर्स के साथ AI-इंटीग्रेटेड सर्च टूल पर चर्चा की है। इस दौरान कुछ प्रोडक्ट डिजाइन और प्रोटोटाइप भी देखे गए हैं, जो नया ब्राउजर आने की ओर इशारा करते हैं।
बता दें कंपनी पहले से ही SearchGPT नई सर्च सुविधाओं का एक प्रोटोटाइप है, जिसे OpenAI मॉडल की ताकत को वेब से जानकारी के साथ संयोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि यूजर्स को स्पष्ट और भरोसेमंद सोर्स से कम समय में सटीक जानकारी मिल सके।
Google को चुनौती देगा OpenAI
OpenAI ने प्रोडक्ट के लिए शुरुआती प्रोटोटाइप देखे हैं, लेकिन यह लॉन्च के लिए तैयार नहीं है, हालांकि अगर कंपनी ब्राउजर स्पेस में एंट्री करती है, इसका सीधा मुकाबला गूगल के क्रोम ब्राउजर से होगा। SearchGPT के साथ मिलकर ओपनएआई के वेब ब्राउजर में यूजर्स को अपनी ओर खींचने की कैपिबिलिटीज हैं। दूसरी तरफ Alphabet के स्वामित्व वाली कंपनी अपने प्रोडक्ट में जैमिनी को पेश करके और एकीकृत करके अपने AI चैटबॉट गेम को भी आगे बढ़ा रही है।
इस वजह से चर्चा में क्रोम ब्राउजर
फिलहाल, Google को जो परेशान कर रहा है, वह है Chrome को बेचने के बारे में यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की सिफारिश। ऐसे में कहा गया है कि गूगल की परेशानी ओपनएआई के लिए अवसर हो सकती है। वर्तमान समय में ब्राउजर स्पेस में गूगल ने अपना कब्जा जमा रखा है। लेकिन आने वाले वक्त में ओपनएआई के ब्राउजर आने की वजह से चीजें बदल सकती हैं। देखने वाली बात होगी कि OpenAI के ब्राउजर लॉन्च करने की खबरों में कितनी सच्चाई है।

