
पंचांग 10 मार्च 2026: आज चैत्र कृष्णपक्ष की सप्तमी उपरांत अष्टमी तिथि, जानें शुभ-अशुभ समय
Aaj Ka Panchang 10 March 2026: आज 10 मार्च 2026 दिन मंगलवार है. पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्णपक्ष की सप्तमी तिथि मध्य रात्रि 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगी उपरांत अष्टमी तिथि आरम्भ हो जाएगी. सूर्योदय कालीन ग्रहों की बात करें तो सूर्य के साथ मंगल, बुध, राहु कुम्भ राशि में विराजमान है. चंद्रमा वृश्चिक राशि में संचरण करेंगे. देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में हैं. शनि और शुक्र मीन राशि में रहेंगे और केतु सिंह राशि में मौजूद रहेंगे.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आज का पंचांग 10 मार्च 2026 दिन मंगलवार
तिथि, वार व संवत
तिथि: चैत्र कृष्णपक्ष की सप्तमी तिथि मध्य रात्रि 12 बजकर 13 मिनट तक रहेंगी उपरांत अष्टमी तिथि आरम्भ हो जाएगी
वार: मंगलवार
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947
सूर्योदय: 06:03 AM
सूर्यास्त: 05:56 PM
अयन: उत्तरायण
ऋतु: वसंत
नक्षत्र, योग व करण
नक्षत्र: अनुराधा (शाम 05:42 PM तक), उसके बाद ज्येष्ठा
योग: हर्षण (सुबह 07:23 AM तक), उसके बाद व्रज
करण: बालव उसके बाद कौलव
ग्रह स्थिति (सूर्योदय कालीन)
चंद्रमा: वृश्चिक राशि
सूर्य, मंगल, बुध और राहू : कुंभ राशि
गुरु : मिथुन राशि
शनि, शुक्र : मीन राशि
केतु : सिंह राशि
आज दिन का चौघड़िया (पटना)
रोग (अशुभ): 06:03 AM से 07:32 AM
उद्वेग (अशुभ): 07:32 AM से 09:01 AM
चर (सामान्य): 09:01 AM से 10:30 AM
लाभ (उन्नति): 10:30 AM से 11:59 AM
अमृत (सर्वोत्तम): 11:59 AM से 01:28 PM
काल (हानि): 01:28 PM से 02:57 PM
शुभ (उत्तम): 02:57 PM से 04:26 PM
रोग (अशुभ): 04:26 PM से 05:56 PM
आज का शुभ समय (मुहूर्त)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:35 AM से 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:27 AM से 05:15 AM
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:59 PM से 02:46 PM
आज का अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 02:57 PM से 04:26 PM
यमगण्ड: सुबह 09:01 AM से 10:30 AM
गुलिक काल: दोपहर 12:00 PM से 01:28 PM
दिशाशूल: उत्तर दिशा (यदि यात्रा आवश्यक हो तो गुड़ खाकर निकलें)
भद्रा आरम्भ: 09 मार्च, 2026 दिन सोमवार को 11:27 PM
भद्रा अन्त: 10 मार्च 2026 दिन मंगलवार को 12:40 PM
आज का विशेष योग व उपाय
विशेष: आज रवियोग और स्थायीज योग है . आज का उपवास और पूजा विशेष फलदायी होता है .
सरल उपाय: आज मंगलवार होने के कारण हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाएं और सुंदरकांड का पाठ करें. “ॐ शं शीतलायै नमः” मंत्र का जाप करें.
