
PM मोदी का बयान: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान को सख्त संदेश, आतंकवाद पर भारत का जवाब
दुनिया ने भारत का साथ दिया, लेकिन कांग्रेस कहाँ थी?-यह लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण पर आधारित है जिसमें उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई और उसे मिले वैश्विक समर्थन पर ज़ोर दिया था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वैश्विक समर्थन और कांग्रेस की चुप्पी-प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में बताया कि कैसे पूरी दुनिया ने भारत के आतंकवाद विरोधी कदम का समर्थन किया। केवल तीन देशों ने ही पाकिस्तान का साथ दिया। लेकिन सबसे दुखद बात यह थी कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर सेना के साथ नहीं खड़ी हुई। मोदी जी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयानों से सैनिकों का मनोबल गिरा, और यह सिर्फ़ राजनीतिक फ़ायदा उठाने की कोशिश थी। देश की सुरक्षा के मामलों में एकता बहुत ज़रूरी है, और कांग्रेस का रवैया निराशाजनक था।
पाकिस्तान का परमाणु डर हुआ ख़त्म-मोदी जी ने बताया कि भारत ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के डर को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अब भारत किसी भी परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेगा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे महज़ 22 मिनट में पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर दिया गया। यह एक साफ़ संदेश था कि अब हर हमले का तुरंत जवाब दिया जाएगा।
आत्मनिर्भर भारत की शक्ति का प्रदर्शन-ऑपरेशन में भारत में बने ड्रोन और मिसाइलों के इस्तेमाल पर गर्व ज़ाहिर करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे पाकिस्तान के हथियारों की कमज़ोरियाँ सामने आईं और दुनिया को भारत की रक्षा तकनीक की क्षमता का अंदाज़ा हुआ। मोदी जी ने इसे आत्मनिर्भर भारत की एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि अब भारत बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई खुद कर सकता है। यह आत्मनिर्भरता न केवल सैन्य क्षेत्र में, बल्कि आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में भी भारत के लिए एक बड़ी ताकत है।
आतंक के सरगना अब भी डरे हुए हैं-पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड का जिक्र करते हुए, मोदी जी ने कहा कि वे अब भी डरे हुए हैं और चैन से नहीं सो पा रहे हैं। पहले पाकिस्तान को लगता था कि उसके आतंकवादियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन अब उसे पता चल गया है कि भारत तुरंत जवाब देगा। सेना को पूरी छूट देने के बाद, उन्होंने आतंकवादियों को ऐसा सबक सिखाया जो उनकी कल्पना से भी परे था। यह एक स्पष्ट संदेश है कि भारत आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

