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उत्तरप्रदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में थपथपाई वाराणसी नगर निगम की पीठ

-प्रधानमंत्री ने जताया गर्व बोले- वाराणसी विकास और विरासत का बना संगम

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दुनिया के सामने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज सीधे प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में सुनाई दी। नगर निगम ने डोमरी-सूजाबाद में मात्र एक घंटे के भीतर 2.51 लाख पौधे लगाकर जो विश्व रिकॉर्ड बनाया गया, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया है। रविवार को प्रधानमंत्री ने अपने 132वें मन की बात संबोधन में काशी के इस ऐतिहासिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जब समाज के सभी वर्ग एक साथ मिल जाते हैं, तो असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।

उन्होंने इस अभियान को एक पेड़ मां के नाम मुहिम से जोड़ते हुए देशवासियों को इससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी ने न केवल अपनी प्राचीन परंपराओं को संजोया है, बल्कि पर्यावरण जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी दुनिया का नेतृत्व करने की अपनी क्षमता सिद्ध की है। इस महाभियान की सफलता के पीछे महीनों की सूक्ष्म तैयारी और हजारों हाथों का सामूहिक श्रम था। इसमें सेना, एनडीआरएफ, यूपी पुलिस, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संगठनों और स्कूली बच्चों ने मिलकर इसे एक वास्तविक जन-आंदोलन में तब्दील कर दिया।

——नगर निगम के लिए बनेगा आय का स्रोत

यह परियोजना केवल पर्यावरण सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक मॉडल का भी अनूठा उदाहरण है। मध्य प्रदेश की एमबीके संस्था के साथ हुए समझौते के तहत, तीसरे वर्ष से ही निगम को 2 करोड़ रुपये की आय होने लगेगी, जो सातवें वर्ष तक 7 करोड़ रुपये वार्षिक तक पहुंच सकती है। यहां शीशम, सागौन और बांस जैसी 27 देशी प्रजातियों के साथ-साथ आम, अमरूद जैसे फलदार और अश्वगंधा, गिलोय जैसी औषधियाँ भी लगाई गई हैं।

——स्मार्ट सिंचाई’ और ड्रोन से निगरानी

गिनीज बुक रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के लिए तकनीक का भरपूर उपयोग किया गया । इस क्रम में स्मार्ट सिंचाई के लिए 10 बोरवेल और 360 रेन गन सिस्टम के जरिए पौधों को प्राकृतिक वर्षा की तरह पानी दिया जा रहा है। पूरे 350 बीघा क्षेत्र को 60 सेक्टरों में बांटा गया, जिनके नाम काशी के प्रसिद्ध घाटों (जैसे दशाश्वमेध, मणिकर्णिका) पर रखे गए। 500 वॉलंटियर्स और ड्रोन की मदद से हर पौधे की गिनती और निगरानी की गई थी

——हरित विकास का नया मॉडल

उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने निगम की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य नगर निकायों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि मियावाकी तकनीक के कारण यह क्षेत्र मात्र 2-3 वर्षों में एक सघन ऑक्सीजन बैंक और गंगा किनारे एक हरित काशी के रूप में नजर आएगा। महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि काशी के इस ऐतिहासिक प्रयास को वैश्विक पटल पर पहचान मिलना हम सभी के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल मार्गदर्शन का ही सुखद परिणाम है। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में इस अभियान की सराहना करना हमारे पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को और अधिक ऊर्जा प्रदान करता है। काशी ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि जनभागीदारी से बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि डोमरी-सूजाबाद में मात्र एक घंटे के भीतर 2.51 लाख पौधों का रोपण हमारी टीम की सूक्ष्म योजना और तकनीक के सटीक समन्वय की जीत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना हमारे नगर निगम परिवार के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक है। यह प्रोजेक्ट न केवल काशी को ‘ऑक्सीजन बैंक’ देगा, बल्कि भविष्य में नगर निगम के लिए एक आत्मनिर्भर आर्थिक मॉडल भी साबित होगा। हम इस हरित क्षेत्र की ड्रोन और स्मार्ट सिंचाई के जरिए निरंतर निगरानी सुनिश्चित कर रहे हैं।

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