देश-विदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने असम की संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुंचाया : अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को हैलाकांडी जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए असम की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की पहल पर प्रकाश डाला और कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने असम के सांस्कृतिक प्रतीकों को वैश्विक मंच पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल में असम की पारंपरिक ‘गमोचा’ को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है। राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस नेता ने ‘गमोचा’ पहनने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नई दिल्ली में एक भव्य प्रतिमा स्थापित करके अहोम सेनापति लचित बोरफुकन की विरासत का सम्मान किया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि उनकी वीरता को विश्व स्तर पर मान्यता मिले।

चाय बागान श्रमिकों के भूमि अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने 707 चाय बागानों में लगभग 3.5 लाख परिवारों को भूमि स्वामित्व पट्टे प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 20 जिलों के 106 बागानों में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। इस कदम का उद्देश्य चाय बागान समुदायों को सशक्त बनाना है। गृह मंत्री ने तीन तलाक को समाप्त करने सहित कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों पर भी जोर दिया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसका विरोध किया था।

उन्होंने कहा कि असम सरकार ने शिक्षा सुधारों के तहत 402 मदरसों को प्राथमिक विद्यालयों में परिवर्तित कर दिया है। यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) का समर्थन करते हुए शाह ने कहा कि यह बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाकर समानता सुनिश्चित करेगा। उन्होंने मतदाताओं से आगामी चुनावों में भाजपा का समर्थन करने का आग्रह किया ताकि राज्य में यूसीसी को लागू किया जा सके।

कल्याणकारी मोर्चे पर शाह ने किसानों को अधिक वित्तीय सहायता देने का वादा किया और कहा कि वार्षिक सहायता राशि 6,000 रुपए से बढ़ाकर 11,000 रुपए कर दी जाएगी। उन्होंने 10,000 किसानों के लिए ट्रैक्टर खरीद पर सब्सिडी की भी घोषणा की और धान, मक्का और सरसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का आश्वासन दिया।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने वादा किया कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में वापस आती है, तो गरीब बच्चों को किंडरगार्टन से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक मुफ्त शिक्षा, मुफ्त चावल वितरण, रियायती दरों पर आवश्यक वस्तुएं और महिलाओं के लिए 3,000 रुपए का मासिक प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रदान किया जाएगा।

इससे पहले मंगलवार को उन्होंने असम के श्रीभूमि जिले के पथारकंडी में एक विशाल चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि केवल भाजपा ही राज्य को अवैध घुसपैठ से बचा सकती है और इसकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित कर सकती है। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने घुसपैठियों की पहचान कर ली है और पार्टी के सत्ता में वापस आने पर उन्हें एक-एक करके बाहर निकालने का वादा किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध प्रवासी स्थानीय युवाओं, गरीब परिवारों और चाय बागान श्रमिकों के लिए निर्धारित नौकरियां, राशन लाभ और मजदूरी छीन रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया, “असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में भाजपा-एनडीए सरकारों के साथ घुसपैठ पूरी तरह से रुक जाएगी।

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