
हिमाचल एंट्री टैक्स के विरोध में प्रदर्शन, कीरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग जाम
हिमाचल । हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित प्रवेश कर (एंट्री टैक्स) के विरोध में संघर्ष समिति
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!के सदस्यों ने सोमवार को कीरतपुर साहिब-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात
अवरुद्ध कर दिया। इस प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग
गईं और यात्रियों, पर्यटकों तथा व्यापारिक वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना
पड़ा।
संघर्ष समिति का यह धरना सुबह 11 बजे शुरू हुआ और
दोपहर 3 बजे तक जारी रहा। यह प्रदर्शन पहले से घोषित उस राज्यव्यापी
आंदोलन का हिस्सा है, जिसके तहत हिमाचल प्रदेश को पड़ोसी राज्यों से जोड़ने वाले 56 प्रवेश और निकास
मार्गों पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर संघर्ष समिति
के नेता गौरव राणा ने कहा कि जब तक हिमाचल प्रदेश सरकार प्रस्तावित प्रवेश कर को
वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह कर जनविरोधी है और
इससे व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों, किसानों तथा पंजाब और हिमाचल के बीच नियमित रूप से आवाजाही करने
वाले आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
राणा ने आरोप लगाया कि इस कर के लागू
होने से परिवहन लागत बढ़ेगी और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की
आजीविका प्रभावित होगी, जो अपने रोजगार और व्यवसाय के लिए अंतरराज्यीय आवागमन पर निर्भर
हैं। संघर्ष समिति के एक अन्य नेता ने कहा कि
आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है और लोगों से इसका समर्थन
करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल कर का मुद्दा नहीं है, बल्कि पंजाब और
हिमाचल के हजारों परिवारों के सामाजिक और आर्थिक संबंधों से भी जुड़ा विषय है।
उनके अनुसार प्रवेश कर लागू होने से व्यापार, पर्यटन और दैनिक आवाजाही पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार प्रस्तावित प्रवेश कर को तत्काल प्रभाव से
वापस ले। उनका कहना है कि इससे पर्यटन को नुकसान पहुंचेगा और सीमा पार व्यापार पर
निर्भर उद्योगों और व्यवसायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
राजमार्ग जाम होने के कारण मनाली, बिलासपुर और कुल्लू
जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले पर्यटकों को भी कठिनाइयों का सामना
करना पड़ा। वहीं, पंजाब और हिमाचल के बीच सामान ढोने वाले व्यावसायिक वाहनों की
आवाजाही भी प्रभावित रही। कई यात्री घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। संघर्ष समिति ने चेतावनी
दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया
जाएगा। समिति का दावा है कि पंजाब और हरियाणा से हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाले कई
अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के विरोध प्रदर्शन किए जांएंगे।

