निचले क्रम की कमजोर बल्लेबाज़ी पर उठे सवाल, प्रसिध कृष्णा बोले – कर रहे हैं मेहनत, अगला टेस्ट रहेगा अहम

निचले क्रम की नाकामी: क्या भारत उबर पाएगा?
पहले टेस्ट में निचले क्रम का बुरा हाल-भारत के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने पहले टेस्ट मैच में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया। पहली पारी में आखिरी 7 विकेट केवल 41 रन पर गिर गए, और दूसरी पारी और भी बुरी रही जहाँ 32 रन पर 6 विकेट गिर गए। इससे टीम की चिंता बढ़ गई है। यह प्रदर्शन टीम के लिए एक बड़ी चुनौती है और अगले मैचों के लिए सुधार की दरकार है।
नट्स में कड़ी मेहनत, उम्मीदें बढ़ी-तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने बताया कि निचले क्रम के बल्लेबाज नेट्स में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वे तकनीक और मानसिक दृष्टिकोण दोनों पर काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि क्रीज पर अधिक समय बिताने और आत्मविश्वास बनाए रखने से प्रदर्शन में जल्द ही सुधार दिखेगा। यह मेहनत रंग लाएगी या नहीं, यह देखना होगा।
दूसरे टेस्ट में वापसी की उम्मीद-पहला टेस्ट 5 विकेट से हारने के बाद, भारत की नजरें अब दूसरे टेस्ट पर हैं जो 2 जुलाई से एजबेस्टन में खेला जाएगा। टीम को सीरीज़ में वापसी के लिए हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करना होगा, खासकर निचले क्रम को। यह मैच टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
शुभमन गिल की कप्तानी: मिली-जुली प्रतिक्रियाएं-पहली बार टेस्ट कप्तानी कर रहे शुभमन गिल की कप्तानी पर अलग-अलग राय हैं। हालांकि, प्रसिद्ध कृष्णा ने उनकी तारीफ की है। उन्होंने कहा कि गिल ने गेंदबाजों को सही समय पर बदला, सभी को ब्रेक दिया, और अच्छी रणनीति बनाई। उन्होंने टीम में सकारात्मक माहौल भी बनाए रखा।
कोहली-रोहित के बाद नया युग-रोहित शर्मा के संन्यास के बाद गिल को कप्तानी मिली है। रोहित और कोहली के जाने के बाद टेस्ट टीम एक नए दौर में है, जहाँ युवा नेतृत्व और नए खिलाड़ियों पर सबकी नज़रें हैं। अब देखना होगा कि भारत दूसरा टेस्ट जीतकर सीरीज़ में वापसी कर पाता है या नहीं।

