
विद्यार्थियों के लिए परीक्षाओं को लेकर राहत भरी खबर, CBSE ने जारी किया सर्कुलर
सी.बी.एस.ई. ने साफ किया है कि जिन विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं, उनका रिजल्ट विद्यार्थियों के असली प्रदर्शन के आधार पर ही तैयार होगा। वहीं, जिन विषयों की परीक्षाएं नहीं हो पाईं, वहां अब स्कूल में हुए इंटरनल असैसमैंट और प्रैक्टिकल नंबरों की भूमिका अहम होगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मार्क्स कैल्कुलेशन के लिए बोर्ड ने तय किया है कि थ्योरी वाले विषयों (जैसे मैथ्स, इंगलिश, हिस्ट्री और बायोलॉजी) में स्कूलों को 3 तरह के इंटरनल एग्जाम क्वार्टरली, हाफ-ईयरली और प्री-बोर्ड के नंबर देने होंगे। इन तीनों में से जिस परीक्षा में विद्यार्थी का स्कोर सबसे ज्यादा होगा, उसी को फाइनल रिजल्ट के लिए आधार माना जाएगा। बोर्ड का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी विद्यार्थी का साल खराब न हो और उनके साथ न्याय हो सके। अब स्कूलों को इस प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भेजी जा रही है ताकि रिजल्ट निष्पक्ष तरीके से तैयार किया जा सके।

