
प्रिया मराठे की याद और कैंसर के शुरुआती लक्षण: क्यों इन्हें नजरअंदाज करना है खतरनाक
कैंसर को पहचानें, जीवन को बचाएं: वो 5 लक्षण जिन्हें नज़रअंदाज़ करना पड़ सकता है भारी!-टीवी सीरियल ‘पवित्र रिश्ता’ से घर-घर में अपनी पहचान बनाने वालीं प्रिया मराठे के कैंसर से निधन की खबर ने हम सबको झकझोर दिया है। करीब दो साल तक इस बीमारी से जूझने के बाद, 31 अगस्त को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। प्रिया की ये कहानी हमें एक कड़वी सच्चाई का अहसास कराती है कि कैंसर सिर्फ एक डरावना नाम नहीं, बल्कि एक ऐसी बीमारी है जिससे हमें सावधान रहने और इसे समय रहते पहचानने की ज़रूरत है। जितना जल्दी हम कैंसर को पकड़ पाएंगे, उतना ही बेहतर इलाज संभव होगा और बचने की उम्मीद भी बढ़ेगी। तो चलिए, आज हम उन शुरुआती संकेतों पर एक नज़र डालते हैं, जिन्हें हमें कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लगातार और असामान्य थकान: जब शरीर कहे ‘बस बहुत हुआ!’-कभी-कभी थकावट महसूस होना बिल्कुल आम बात है, खासकर जब आपने दिन भर काम किया हो या ठीक से नींद न ली हो। लेकिन सोचिए, अगर ये थकान हर वक्त बनी रहे, चाहे आप कितना भी आराम कर लें, फिर भी ये पीछा न छोड़े? ये आपके शरीर का एक SOS सिग्नल हो सकता है! खासकर ब्लड कैंसर, पेट या आंतों के कैंसर में, शरीर में खून की कमी (रेड ब्लड सेल्स का कम होना) हो जाती है। इसकी वजह से शरीर के हर हिस्से तक ठीक से ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती और आपको हर समय एक अजीब सी कमजोरी और थकावट महसूस होती है। आम थकान और कैंसर वाली थकान में एक बड़ा फर्क है – सामान्य थकान तो आराम करने से या सोने से दूर हो जाती है, लेकिन कैंसर से जुड़ी थकान लगातार बनी रहती है, जैसे शरीर ने हार मान ली हो। अगर आपको या आपके किसी अपने को ऐसा महसूस हो रहा है, तो इसे सिर्फ ‘कमजोरी’ समझकर नज़रअंदाज़ करना बहुत खतरनाक हो सकता है। बेहतर यही है कि तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और इसकी वजह का पता लगाएं।
शरीर में कहीं भी गांठ या सूजन: क्या ये सचमुच सामान्य है?-शरीर के किसी भी हिस्से में अचानक कोई नई गांठ या सूजन दिखना, और उसे बस ‘सामान्य’ समझकर टाल देना, बहुत भारी पड़ सकता है। खासकर अगर ये गांठ ब्रेस्ट, गर्दन, कांख (बगल), जांघों या पेट के निचले हिस्से में हो, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। ये कैंसर का पहला संकेत हो सकती है। अगर गांठ सख्त है, धीरे-धीरे बढ़ रही है, या छूने पर हिलती नहीं है, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करना बहुत ज़रूरी है। ये सच है कि हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहना और समय पर जांच करवाना ही समझदारी है। अक्सर लोग इन गांठों को नजरअंदाज कर देते हैं और जब तक उन्हें अपनी गलती का एहसास होता है, तब तक बीमारी इतनी बढ़ चुकी होती है कि इलाज बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए, थोड़ी सी भी असामान्य गांठ या सूजन को गंभीरता से लें और डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
बार-बार बुखार या संक्रमण: कहीं आपकी इम्यूनिटी तो कमजोर नहीं?-क्या आपको बार-बार बुखार आ रहा है या छोटी-छोटी बातों पर ही संक्रमण हो रहा है, जैसे सर्दी-जुकाम जल्दी ठीक नहीं होता? अगर ऐसा है, तो इसे मौसम का असर या सामान्य कमजोरी समझकर भूल जाना ठीक नहीं। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता, यानी आपकी इम्यूनिटी, कमजोर पड़ रही है। ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) और लिंफोमा जैसे कैंसर सीधे तौर पर हमारी इम्यूनिटी बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला करते हैं। जब शरीर की अपनी ही रक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, तो बार-बार बुखार आना और संक्रमण का होना आम हो जाता है। अगर यह सिलसिला काफी लंबे समय से चल रहा है, तो डॉक्टर से जांच करवाना बहुत ज़रूरी है। कई बार हम सोचते हैं कि यह सिर्फ वायरल है या मौसम बदल रहा है, लेकिन असल में यह किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है, जिसे समय पर पहचानना बहुत ज़रूरी है।
लंबे समय तक रहने वाला दर्द: जब पेनकिलर भी बेअसर हो जाएं-शरीर में कभी-कभी दर्द होना आम है, लेकिन क्या हो अगर कोई दर्द तीन-चार हफ्तों से ज्यादा समय तक बना रहे और कोई भी सामान्य दर्द निवारक दवा (पेनकिलर) लेने के बाद भी आराम न मिले? यह कैंसर का एक महत्वपूर्ण लक्षण हो सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आपके सिर में लगातार दर्द रहता है, तो यह ब्रेन ट्यूमर का संकेत हो सकता है। पीठ का लगातार दर्द आंतों या ओवरी के कैंसर से जुड़ा हो सकता है, और सीने में बना रहने वाला दर्द फेफड़ों के कैंसर की ओर इशारा कर सकता है। अक्सर लोग ऐसे दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं या सोचते हैं कि यह मांसपेशियों में खिंचाव या कोई मामूली चोट है। वे घरेलू नुस्खे या ओवर-द-काउंटर दवाइयों से काम चलाने की कोशिश करते हैं। लेकिन अगर दर्द लगातार बना हुआ है और किसी भी तरह से कम नहीं हो रहा है, तो यह एक गंभीर समस्या का संकेत है और डॉक्टर से जांच करवाना ही सबसे समझदारी का काम है।
अचानक वजन कम होना: बिना डाइट या एक्सरसाइज के?-क्या आपने हाल ही में कोई खास डाइट प्लान फॉलो किया है या जिम में पसीना बहाया है? अगर नहीं, और फिर भी आपका वजन अचानक 4-5 किलो या उससे ज्यादा कम हो गया है, तो यह कैंसर का एक शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कैंसर सेल्स शरीर के मेटाबॉलिज्म, यानी ऊर्जा के इस्तेमाल के तरीके को बदल देती हैं। कई बार लोग वजन कम होने की खुशी में इसे अनदेखा कर देते हैं, यह सोचकर कि ‘वाह, मेरा वजन कम हो रहा है!’ लेकिन असल में, यह शरीर के अंदर किसी गंभीर बीमारी का अलार्म हो सकता है। खासकर जब वजन बिना किसी वजह के, बहुत तेजी से घट रहा हो, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना और पूरी जांच करवाना बेहद ज़रूरी है।

