
सेंसेक्स और निफ्टी सोमवार को फ्लैट बंद, निवेशकों में दिखी अमेरिका टैरिफ को लेकर चिंता
अमेरिकी टैरिफ की तलवार: बाजार में डर का साया-सोमवार को शेयर बाजार में कुछ हलचल देखने को मिली। निवेशक अमेरिका के 9 जुलाई को आने वाले टैरिफ के फैसले को लेकर थोड़े घबराए हुए थे। एशियाई बाजारों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार को प्रभावित किया। सेंसेक्स में थोड़ी बढ़त हुई, लेकिन निफ्टी लगभग स्थिर रहा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सेंसेक्स-निफ्टी का हालचाल-बीएसई सेंसेक्स 9.61 अंक ऊपर जाकर 83,442.50 पर बंद हुआ। दिन भर यह 83,262.23 से 83,516.82 के बीच रहा। निफ्टी 25,461.30 पर बंद हुआ, जो लगभग स्थिर रहा। कारोबार का दायरा सीमित रहा।
निवेशकों की सतर्कता-विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ विवाद की वजह से निवेशक कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। इसलिए, बड़े फैसले लेने से बच रहे हैं और कारोबार सीमित रहा। निफ्टी 25,407 के निचले और 25,489 के ऊपरी स्तर को छू गया।
कौन रहा आगे, कौन पीछे?-हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स और आईटीसी जैसे शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। दूसरी तरफ, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, टेक महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति और एटरनल जैसे शेयरों पर दबाव रहा।
एशियाई बाजारों का मिश्रित प्रदर्शन-एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंगसेंग गिरे, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और चीन का शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स बढ़े। यूरोपीय बाजारों में भी यही स्थिति रही।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली-शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 760.11 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई, ब्रेंट क्रूड 0.29% बढ़कर 68.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को तेजी के साथ बंद हुए थे।
अमेरिका का फैसला महत्वपूर्ण-अब सभी की नजरें 9 जुलाई को अमेरिका के टैरिफ फैसले पर हैं। अगर भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाई जाती है, तो इसका असर निवेशकों के मनोबल और कंपनियों की कमाई पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा और स्पष्ट होगी।

