
श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी को मिलेट्स (श्री अन्न) के उत्पादन, खपत और आपूर्ति श्रृंखला पर अनुसंधान के लिए राज्य नीति आयोग द्वारा अनुबंध
रायपुर। श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी के कला संकाय के अधिष्ठाता शिक्षाविद प्रो. मनीष कुमार पाण्डेय द्वारा राज्य नीति आयोग को प्रेषित अध्ययन प्रस्ताव ‘असेसमेंट ऑफ़ कल्टीवेशन, प्रोडक्शन, कंजम्पशन, एन्ड एंट्रेप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट पैटर्न ऑफ़ मिल्लेट्स इन छत्तीसगढ़’ को आयोग की उच्चस्तरीय अनुमोदन समिति द्वारा अनुमोदित किया गया है। यह अध्ययन राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में श्री धान्य (मिलेट्स) के उत्पादन प्रक्रिया से लेकर आपूर्ति श्रृंखला के विविध आयामों पर केंद्रित है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस अध्ययन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मिलेट्स (श्री अन्न) की खेती, उत्पादन, खपत और उद्यमिता विकास की मौजूदा स्थिति का व्यापक विश्लेषण करना है। इसके तहत मिलेट्स की आपूर्ति श्रृंखला पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे किसानों, उत्पादकों, प्रोसेसिंग इकाइयों और बाजारों के बीच समन्वय स्थापित किया जा सके। छत्तीसगढ़ सरकार मिलेट्स के उत्पादन और उपभोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह अध्ययन नीति-निर्माताओं को सुदृढ़ आपूर्ति शृंखला विकसित करने, किसानों की आय बढ़ाने और मिलेट्स-आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने में मदद करेगा।
इस उपलब्धि पर श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी के प्रति- कुलाधिपति श्री एस.एस. बजाज, कुलपति प्रो. एस.के. सिंह, कुलसचिव डॉ. सौरभ कुमार शर्मा एवं सम्पूर्ण विश्विद्यालय परिवार ने प्रो. पाण्डेय को शुभकामनाएं प्रेषित की।

