टेक्नोलॉजी

AC के बिजली बिल को कम करने के स्मार्ट टिप्स, सही टेम्प्रेचर और सर्विस पर दें ध्यान

नई दिल्ली। गर्मियों का सीजन आते ही एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल बढ़ जाता है। इससे एक ओर गर्मी से राहत मिलती है, तो बिजली के बढ़ते बिल से जेब ढीली होने की चिंता भी बढ़ जाती है। हालांकि, कुछ आसान उपाय अपनाकर आप अपने AC के बढ़ते बिजली बिल को आसानी से कम कर सकते हैं। यहां हम आपको साथ कुछ ऐसे ही टिप्स शेयर कर रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें : Raipur News, Chhattisgarh News, Epaper, Daily Hindi Morning Newspaper

एसी के बिजली बिल को कम करने के तरीके

AC का टेम्प्रेचर

अक्सर लोगों का मानना होता है AC का टेम्प्रेचर कम रखन से बिजली की बचत होती है। लेकिन, यह सच नहीं है। Bureau of Energy Efficiency (BEE) के अनुसार, AC को 24°C पर सेट रखने से यह बिजली की कम खपत करता है।

ये खबर भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ में वित्तीय क्रांति! सालाना 50 करोड़ की बचत से बढ़ेगी विकास की रफ्तार

यह टेम्प्रेचर इंसानों के लिए भी कम्फर्टेबल होता है। रिपोर्ट्स की माने तो, एसी में हर 1°C तापमान कम (24 से 23 डिग्री) पर बिजली के बिल में 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

ये खबर भी पढ़ें : आपके Budget रखते हुए ख्याल  TATA TIAGO – स्टाइल, सेफ्टी  के साथ

टाइमर और स्लीप मोड

AC को पूरी रात चलाने के बजाय टाइमर और स्लीप मोड के साथ यूज करें। इससे जहां कमरे का टेम्प्रेचर कंट्रोल में रहता है, तो बिजली की खपत भी कम होती है। इससे आप बिजली के बिल को कम कर सकते हैं।

ये खबर भी पढ़ें : निगम जोन 2 में होली मिलन समारोह, सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने दी शुभकामनाएं

रेगुलर सर्विस

गंदे फिल्टर और वेंट्स की वजह से AC को कमरा ठंडा करने में ज्यादा जोर लगना पड़ता है। इससे बिजली की खपत बढ़ जाती है। बिजली की खपत को कम करने के लिए आपको अपने एसी की रेगुलर समय में सर्विस और सफाई करवानी चाहिए। इससे आप बिजली के बिल में बचत कर सकते हैं।

ये खबर भी पढ़ें : बेली फैट कम करने के लिए मेथी का उपयोग

इन्वर्टर टेक्नोलॉजी

एसी आमतौर पर दो प्रकार के आते हैं। इनमें इन्वर्टर एसी और नान इन्वर्टर एसी शामिल हैं। इन्वर्टर एसी कमरे के टेम्प्रेचर के अनुसार कंप्रेसर स्पीड को एडजस्ट करता है। इससे बिजली खपत को कंट्रोल किया जा सकता है।

ये खबर भी पढ़ें : CG Big Breaking : बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी छलांग, 19 स्वास्थ्य केंद्र हुए सर्टिफाइड

इससे बिजली के बिल को कम करने में मदद मिलती है। दूसरी ओर, नान इन्वर्टर एसी बार-बार ऑन और ऑफ होता रहता है, जिससे बिजली की खपत बढ़ जाती है और ज्यादा बिल आता है।

ये खबर भी पढ़ें : नैनीताल में घूमने के बेस्ट ठिकाने, ये यादें रहेंगी सुहाने

Back to top button
📰 E-Paper