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विशेष लेख

Special reports: अस्तित्व प्रतिष्ठा और सम्मान की लड़ाई बनाम लोकसभा चुनाव

 प्रतिदिन राजधानी,रायपुर । छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही आचार संहिता प्रभावशील हो गई है । वही निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के लिए प्रत्याशी तैयारी शुरू कर चुके हैं । भाजपा का दावा है काफी पहले तैयारी प्रारंभ कर दी थी विधानसभा चुनाव 2023 के परिणाम घोषित होने के साथ ही भाजपा ने तैयारी आराम कर दी थी इसलिए कांग्रेस से तैयारी में काफी आगे हैं और इस बार 11 लोकसभा सीट पर कब्जा होगा। वर्ष 2003 से लेकर 2019 तक के लोकसभा चुनाव का क्रमबद्ध विवरण पेश करते हुए भाजपा ने दावा किया है । वहीं कांग्रेस की तैयारी को लेकर काफी कुछ चिंतन करने वाली स्थिति दिखाई दी पड़ती है । छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट का एक माह के अंतराल में दौरा नहीं आया है ऐसे में कांग्रेस की तैयारी को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बैज संभाले हुए हैं और अब तक कांग्रेस ने 6 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं 5 सीट पर प्रत्याशित घोषित होने बाकी है ऐसे में कांग्रेस के अंदर चल रही आंतरिक और अंदरूनी लड़ाई कहीं-कहीं मंच पर दिखाई पडऩे लगी है । क्या यह समझा जाए की छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कमजोर हो गई है या कांग्रेस ने चुनाव के पहले ही एक तरह से शिकस्त मान ली है जिन प्रत्याशियों की घोषणा की गई है । इसमें पांच महत्वपूर्ण सीट जांजगीर चांपा रायपुर राजनांदगांव दुर्ग और बस्तर है रायपुर लोकसभा सीट में कांग्रेस के प्रत्याशी विकास उपाध्याय तैयारी प्रारंभ कर मोर्चे पर उतर गए हैं । जनसंपर्क शुरू कर दिया है कई वरिष्ठ प्रभारी का साथ और सम्मान मिल रहा है किंतु कांग्रेस के उम्मीदवार का भाजपा के और आठ बार के विधायक बृजमोहन अग्रवाल से है । रायपुर में लोकप्रिय होने के साथ छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी यह नाम काफी आगे है शायद यही वजह है कि राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा हाई कमान ने चेहरे को मौका देने के लिए सांसद प्रत्याशी बनाया है । बृजमोहन अग्रवाल रायपुर के लिए काफी सशक्त और मजबूत उम्मीदवार है देखना यह है की सम्मान और प्रतिष्ठा की लड़ाई में विकास उपाध्याय और बृजमोहन में जीत किसकी होती है । क्योंकि दोनों का ही कार्य क्षेत्र रायपुर की रणभूमि रही है विधानसभा चुनाव ने दोनों प्रत्याशियों को रखने का अवसर मतदाताओं को दिया है इसमें बृजमोहन अग्रवाल जीत दर्ज कर चुके हैं । वही विकास उपाध्याय को हर का सामना करना पड़ा है परिस्थितियों बहुत बदलाव में नहीं है । कांग्रेस के पास एक मुद्दा हो जो जितने की दहलीज पर लेकर जाए वरिष्ठ कांग्रेसियों को चिंतन करना होगा महतारी बंधन योजना उसके बाद 4त्न सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता की घोषणा ने कांग्रेस के सामने चुनौती रख दी है ऐसे में विकास उपाध्याय कैसे विकास को लेकर आम लोगों से मत की अपील करेंगे चुनाव प्रचार का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा बृजमोहन अग्रवाल महतारी बंधन योजना के साथ दक्षिण के विकास और तमाम अन्य मुद्दों पर लेकर चर्चा में जा सकते हैं नगर पालिका निगम की दृष्टि से देखें तो कांग्रेसी पार्षदों की संख्या अधिक है जो कांग्रेस की जीत की ओर मुख्य नायक बन सकते हैं भाजपा निगम में विपक्ष में है ऐसे में विकास को मजबूती से लडऩा होगा कोरबा में भाजपा की प्रखर नेत्री सरोज पांडे का विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष चरण दास महंत की धर्मपत्नी ज्योतिष्ण महंत से है । सरल सामान्य और मधुरता के साथ व्यवहार करने वाली सांसद प्रत्याशी महंत के पिछले विकास कार्यों को लेकर मतदाताओं के बीच में है लेकिन सरोज पांडे भाजपा की छत्तीसगढ़ की महिला राजनीतिज्ञों में में एक महत्वपूर्ण कड़ी है । इसलिए यह मुकाबला काफी दिलचस्प हो जाएगा।

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