
क्या आप रातों को देर तक जागने के आदी हैं? अगर हाँ, तो ये जानकारी आपके लिए बेहद ज़रूरी है। एक नई स्टडी के मुताबिक, रात में देर तक जागने की आदत आपके दिमाग के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। कम नींद से आपके दिमाग की शक्ति कम होने लगती है और मानसिक समस्याएँ बढ़ सकती हैं।हमारे सोने और जागने के तरीके को ‘क्रोनोटाइप’ कहते हैं। ये तय करता है कि हम दिन के किस हिस्से में सबसे ज़्यादा एक्टिव रहते हैं। जो लोग सुबह जल्दी उठते हैं, वे जल्दी सो जाते हैं और सुबह तरोताज़ा महसूस करते हैं। लेकिन जो लोग रात को देर तक जागते हैं, उनका बॉडी क्लॉक लेट चलता है, जिससे उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!स्टडी के चौंकाने वाले नतीजे – नीदरलैंड की यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर ग्रोनिंगन के शोधकर्ताओं ने 23,800 लोगों पर 10 साल तक स्टडी की। नतीजे चौंकाने वाले थे रात में देर तक जागने वाले लोगों की ब्रेन पावर तेज़ी से कम होती गई।ये लोग अक्सर धूम्रपान, शराब और कम शारीरिक गतिविधि जैसी आदतों के शिकार पाए गए।25% दिमागी गिरावट का कारण नींद की कमी और खराब जीवनशैली माना गया।हमारे दिमाग को भी रोज़ाना आराम की ज़रूरत होती है। कम नींद या बार-बार नींद टूटने से दिमाग थक जाता है, जिसका असर आपकी याददाश्त और सोचने की क्षमता पर पड़ता है। बचपन में बच्चे जल्दी उठते हैं, किशोरावस्था में देर रात तक जागना आम बात है, लेकिन 40 की उम्र के बाद शरीर फिर से जल्दी उठने की ओर लौटता है। हालाँकि, ये हर किसी के साथ नहीं होता।
नींद न आने के कारण – कई बार आप बिस्तर पर लेट तो जाते हैं, लेकिन नींद नहीं आती। ऐसा तब होता है जब शरीर मेलाटोनिन (नींद लाने वाला हार्मोन) नहीं बना पा रहा होता। यानी आपका शरीर अभी सोना नहीं चाहता।शोधकर्ताओं का मानना है कि हर किसी को अपने नींद के प्राकृतिक पैटर्न के अनुसार चलना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति रात में एक्टिव रहता है, तो उसे काम की शुरुआत सुबह के बजाय थोड़ी देर से करनी चाहिए। इससे दिमाग को पूरा आराम मिलेगा और दिमाग का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। याद रखें, पर्याप्त नींद लेना आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहद ज़रूरी है।

