
छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में एसटीएफ का गठन, रायपुर में ममता, दुर्ग में सत्यप्रकाश बने प्रभारी
बांग्लादेशी व रोहिंग्याें की तलाश करेंगी टीमें, एसटीएफ की पहली बैठक पांच जून को
रायपुर । छत्तीसगढ़ में रह रहे अवैध अप्रवासी, घुसपैठिए जैसे बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और रोहिंग्याओं की तलाशी के लिए प्रदेश के 33 जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया गया है। इसके लिए एडिशनल एसपी और डीएसपी रैंक के अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है।
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रायपुर में एएसपी ममता देवांगन को एसटीएफ का प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह दुर्ग में डीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी, राजनांदगांव में राहुल देव शर्मा, कवर्धा में एएसपी पुष्पेंद्र सिंह बघेल, खैरागढ़ में एएसपी नीतेश गौतम, मोहला-मानपुर में डीएसपी नेहा पवार को प्रभारी बनाया गया है। अधिकांश जिलों में एएसपी और डीएसपी रैंक के अधिकारियों को जिम्मेदारी साैंपी गई। साथ ेमें इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसपी, हवलदार और सिपाही की टीम रहेगी।
उल्लेखनीय है कि टास्क फोर्स राज्य में अवैध दस्तावेज या बिना दस्तावेज के रहने वाले और बाहर से आने वालों की तलाश करेंगे। इनकी कार्रवाई की हर माह रिपोर्ट बनाई जाएगी, जो हर माह की 5 तारीख तक गृह विभाग को भेजनी होगी। एसटीएफ की पहली बैठक 5 जून को मंत्रालय में होगी। इसकी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी।
इस मामले में एडीजी इंटेलिजेंस अमित कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को जो निर्देश दिए गए हैं उस पर प्रभाव पूर्ण तरीके से काम किया जा रहा है। देशभर में अवैध प्रवासियों की जांच पड़ताल के निर्देश मिले थे, छत्तीसगढ़ को भी केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से निर्देश प्राप्त हुए है, जिले में घुसपैठियों की तलाश तेजी से जारी है। इसी कड़ी में सभी 33 जिलों में स्पेशल टास्क फ़ोर्स (एसटीएफ) का गठन किया गया है।

