छत्तीसगढ़

एम्बुलेंस व्यवस्था में सुधार हेतु सुझाव: नागरिकों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा देने पर जोर

 

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रायपुर. छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एम्बुलेंस संचालन व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया गया है। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के कोषाध्यक्ष श्री निकेश बरड़िया ने इस संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए हैं, जिनका उद्देश्य आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को तेज़, सुगम और बाधारहित बनाना है।

श्री बरड़िया, जो जैन हेल्पलाइन सेंटर के सक्रिय सदस्य भी हैं कोविड-19 महामारी के दौरान कई मरीजों की सहायता कर समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अपने अनुभवों के आधार पर उन्होंने बताया कि कई बार रोड एक्सीडेंट या अन्य आपात स्थितियों में ट्रैफिक जाम के कारण एम्बुलेंस समय पर मरीज तक नहीं पहुंच पाती, जिसके चलते गंभीर परिस्थितियों में मरीज की जान तक चली जाती है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई बार एम्बुलेंस को अस्पतालों के आसपास उचित पार्किंग की सुविधा न मिलने के कारण अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि राज्य सरकार अस्पतालों के सामने या निकट विशेष रूप से एम्बुलेंस पार्किंग ज़ोन निर्धारित करे, ताकि आपातकालीन सेवाओं में किसी प्रकार की रुकावट न आए।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि एम्बुलेंस पर बिना ठोस कारण के ट्रैफिक चालान नहीं लगाया जाना चाहिए। एम्बुलेंस, भले ही उस समय खाली हो, फिर भी वह किसी मरीज को लेने जा रही हो सकती है। इसलिए उसे सायरन बजाने और प्राथमिकता से मार्ग प्राप्त करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त, एम्बुलेंस सेवाओं को ट्रैफिक विभाग से सीधे जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। इस प्रकार की इंटीग्रेशन से इमरजेंसी के समय “ग्रीन चैनल” तैयार किया जा सकेगा, जिससे एम्बुलेंस को ट्रैफिक सिग्नलों पर बिना रुके तेज़ी से गुजरने की सुविधा मिलेगी। इससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और गंभीर परिस्थितियों में जीवन बचाने की संभावना बढ़ेगी।

एम्बुलेंस के रास्ते को सुरक्षित रखना हर नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, “गोल्डन आवर” के दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता मिलना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में एम्बुलेंस सेवाओं का कुशल संचालन सीधे तौर पर मरीज की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है।

श्री बरड़िया ने राज्य सरकार एवं पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) से आग्रह किया कि इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर ठोस नीति बनाई जाए, जिससे छत्तीसगढ़ के नागरिकों को बेहतर, तेज़ और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

Join Us
Back to top button
12 हजार से भी कम, 8GB रैम और 5G सपोर्ट के साथ 25,000 में ट्रेन से 7 ज्योतिर्लिंग यात्रा, जानें पूरा पैकेज और किराया IRCTC Bharat Gaurav चलेगी 10 पैसे प्रति किलोमीटर e-Luna Prime,सस्ती इलेक्ट्रिक बाइक iPhone से Pixel तक स्मार्टफोन पर बेस्ट डील्स, आज आखिरी मौका