
सुखबीर बादल पर फिर गिरी तनखैया की गाज़!-सुर्ख़ियों में छाई ख़बर: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को फिर से ‘तनखैया’ करार दिया गया है। पटना साहिब ने ये कड़ा फैसला इसलिए लिया क्योंकि बादल साहिब ‘पांच प्यारों’ के सामने तय समय पर हाजिर नहीं हुए और जवाब नहीं दे पाए।
तनखैया क्या है और क्यों?-सिख धर्म में ‘तनखैया’ का मतलब है धार्मिक नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को दी जाने वाली सज़ा। अगर कोई सिख धर्म के सिद्धांतों को तोड़ता है तो अकाल तख्त साहिब उसे ‘तनखैया’ घोषित कर सकता है। इसके बाद व्यक्ति को अपनी गलती माननी होती है और माफ़ी मांगनी होती है।
पहले भी झेल चुके हैं सज़ा-यह पहला मौका नहीं है जब सुखबीर बादल को ‘तनखैया’ घोषित किया गया है। 30 अगस्त 2024 को भी श्री अकाल तख्त साहिब ने उन्हें ये सज़ा सुनाई थी। उन पर कुछ धार्मिक फैसलों को लेकर विवाद था। इससे पहले वाली सज़ा अभी भी लंबित है।
गुरु ग्रंथ साहिब की मौजूदगी में माफ़ी-‘तनखैया’ घोषित व्यक्ति को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की उपस्थिति में अपनी गलती के लिए माफ़ी मांगनी होती है। इसके बाद संगत और धार्मिक अधिकारी उनके गुनाह की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सज़ा या सेवा का काम देते हैं।
क्या आगे क्या होगा?-अब देखना होगा कि सुखबीर बादल इस बार इस सज़ा का सामना कैसे करते हैं और आगे क्या होता है। यह मामला सिख धर्म के अनुयायियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं।

