
बंगलुरू: खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन खान सुरक्षा महानिदेशालय ने 16-17 अप्रैल 2025 को बेंगलुरु में खनन (कोयला एवं गैर-कोयला) में बल्क मटेरियल हैंडलिंग उपकरणों की सुरक्षा चुनौतियों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी ने खनन उद्योग में सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। महानिदेशक उज्जवल टाह ने मुख्य संरक्षक के रूप में संगोष्ठी का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर उप महानिदेशक (यांत्रिक) डी. बागेश्वर नाइक ने अध्यक्षता की, जबकि अजय सिंह (उप महानिदेशक, विद्युत) और आर. टी. मंडेकर (उप महानिदेशक, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र) सह-संयोजक रहे। संगोष्ठी में कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष पी.एम. प्रसाद, एनएमडीसी के अमितव मुखर्जी, एमसीएल के उदय ए. काओले, और एससीसीएल के एन. बालराम जैसे दिग्गज संरक्षक के रूप में शामिल हुए। यह मंच खनन क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-मंथन के लिए एक सशक्त मंच साबित हुआ। संगोष्ठी में 30 तकनीकी शोधपत्र प्रस्तुत किए गए, और 58 शोधपत्रों का एक स्मारिका में प्रकाशन हुआ। इन शोधपत्रों ने बल्क मटेरियल हैंडलिंग उपकरणों से जुड़े जोखिमों, उनकी रोकथाम, और तकनीकी नवाचारों पर प्रकाश डाला। चर्चाओं का फोकस खनन कर्मियों की सुरक्षा, जोखिम न्यूनीकरण, और विधिक प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन पर रहा। विशेषज्ञों ने माना कि आधुनिक तकनीक और कड़े सुरक्षा मानकों के जरिए खनन क्षेत्र को और सुरक्षित बनाया जा सकता है। संगोष्ठी का समापन समारोह सम्मान और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। प्रतिभागियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया, और खनन उद्योग में सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया गया।
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