देश-विदेश

देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन में मिलेंगी लग्जरी सुविधाएं, 280 किमी/घंटा की रफ्तार समेत जानें टॉप 20 फीचर्स

नई दिल्ली : भारतीय रेलवे हाई-स्पीड यात्रा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने की तैयारी कर रहा है। देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन ‘B28’ निर्माण और सुरक्षा परीक्षण के महत्वपूर्ण चरणों से गुजर रही है। बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के संयंत्र में तैयार की जा रही आठ कोच वाली इस ट्रेन का हाल ही में ‘व्हीकल बॉडी शेल असेसमेंट’ यानी स्क्वीज टेस्ट पूरा किया गया है। इस परीक्षण के जरिए ट्रेन के बाहरी ढांचे की मजबूती और तेज रफ्तार के दौरान पड़ने वाले दबाव को सहन करने की क्षमता का आकलन किया गया।

इस स्वदेशी बुलेट ट्रेन को आधुनिक तकनीक और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें वाई-फाई, पैनोरमिक खिड़कियां, आधुनिक एसी, एलईडी लाइटिंग और व्यक्तिगत चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

CM मोहन यादव ने नए DSP को दिया कर्तव्य मंत्र, बोले- रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सॉल्व करें, 2029 तक ड्रग्स का सफाया करना लक्ष्य

दिसंबर 2030 तक पूरा होगा मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट

रेल मंत्रालय के मुताबिक, 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट के गुजरात हिस्से को दिसंबर 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, पूरे कॉरिडोर का निर्माण दिसंबर 2030 तक पूरा करने की योजना है।

परियोजना के तहत सूरत से वापी के बीच करीब 100 किलोमीटर लंबे हिस्से में मई-जून 2027 के दौरान ट्रायल रन प्रस्तावित है। इस सेक्शन पर अगस्त 2027 से व्यावसायिक परिचालन शुरू होने की संभावना जताई गई है।

बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय मौजूदा लगभग 6.5 घंटे से घटकर महज 1 घंटा 58 मिनट रह जाएगा।

B28 बुलेट ट्रेन की 20 खास खूबियां

देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन को यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  1. अधिकतम रफ्तार: ट्रेन की परीक्षण गति 280 किलोमीटर प्रति घंटा और परिचालन गति 249 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
  2. रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम: ब्रेक लगाने के दौरान पैदा होने वाली ऊर्जा को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे बिजली की बचत होगी।
  3. आठ कोच की संरचना: शुरुआत में ट्रेन में चार मोटर कार और चार ट्रेलर कार सहित कुल आठ कोच होंगे। जरूरत के अनुसार इसे 16 कोच तक बढ़ाया जा सकेगा।
  4. दो तरह की सीटिंग व्यवस्था: सात स्टैंडर्ड क्लास कोच में 3×2 और एक एग्जीक्यूटिव क्लास कोच में 2×2 सीटिंग लेआउट होगा।
  5. 557 यात्रियों की क्षमता: ट्रेन में कुल 557 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसमें दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष स्थान दिए जाएंगे।
  6. ब्रेल लिपि की सुविधा: दृष्टिबाधित यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख सूचना पट्टिकाओं पर ब्रेल लिपि का इस्तेमाल किया जाएगा।
  7. इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट: आपात स्थिति में यात्री ट्रेन स्टाफ से सीधे संपर्क कर सकेंगे।
  8. बड़ी पैनोरमिक खिड़कियां: प्रत्येक सीट की कतार के साथ बड़ी खिड़कियां होंगी, जिससे यात्री बाहर के नजारों का आनंद ले सकेंगे।
  9. वाई-फाई आधारित मनोरंजन: ट्रेन में प्री-लोडेड कंटेंट के साथ वाई-फाई आधारित पैसेंजर इन्फोटेनमेंट सिस्टम मिलेगा।
  10. सीलबंद गैंगवे: एक कोच से दूसरे कोच में सुरक्षित और आसानी से आने-जाने के लिए सिंगल-पीस सीलबंद गैंगवे बनाया गया है।
  11. ऑटोमैटिक रिट्रैक्टेबल स्टेप्स: ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की दूरी को पाटने के लिए दरवाजों पर स्वचालित स्टेप्स दिए जाएंगे।
  12. स्मार्ट ड्राइवर कैब: ट्रेन के दोनों सिरों पर ड्राइवर कैब होंगी। इनमें आधुनिक कंट्रोल सिस्टम और कंट्रोल सेंटर से समन्वय की सुविधा होगी।
  13. ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट: यात्रियों को जरूरी जानकारी देने के लिए ऑटोमैटिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया जाएगा।
  14. मल्टी-लैंग्वेज LCD स्क्रीन: कोच में लगी स्क्रीन पर हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में यात्रा संबंधी जानकारी मिलेगी।
  15. आधुनिक LED लाइटिंग: ट्रेन के सभी कोच में ऊर्जा की बचत करने वाली एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी।
  16. आधुनिक HVAC सिस्टम: प्रत्येक कोच में दो एसी यूनिट होंगी, जो तापमान और आर्द्रता को नियंत्रित रखेंगी।
  17. शोर कम करने की तकनीक: यात्रियों को शांत सफर देने के लिए साउंड इंसुलेशन, नॉइज रिडक्शन कोटिंग और विशेष बोगी कवर लगाए जाएंगे।
  18. अलग-अलग लगेज रैक: छोटे सामान के लिए ओवरहेड रैक और बड़े सूटकेस रखने के लिए मजबूत लगेज रैक उपलब्ध होंगे।
  19. हर सीट पर चार्जिंग पॉइंट: मोबाइल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने के लिए प्रत्येक सीट पर पावर आउटलेट मिलेगा।
  20. आधुनिक बायो-डाइजेस्टर टॉयलेट: स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आधुनिक बायो-डाइजेस्टर शौचालय लगाए जाएंगे।

मुंबई से अहमदाबाद तक होंगे 12 स्टेशन

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनके जरिए पश्चिमी भारत के प्रमुख शहरों और व्यापारिक केंद्रों को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र में 5.60 लाख करोड़ के निवेश की तैयारी, CM साय ने वैश्विक निवेशकों को दिया न्योता

इस रूट के प्रमुख स्टेशन हैं:

  1. मुंबई
  2. ठाणे
  3. विरार
  4. बोइसर
  5. वापी
  6. बिलिमोरा
  7. सूरत
  8. भरूच
  9. वडोदरा
  10. आनंद
  11. अहमदाबाद
  12. साबरमती

बुलेट ट्रेन परियोजना के शुरू होने से मुंबई और अहमदाबाद के बीच सफर पहले के मुकाबले काफी तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा और यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं इसे भारतीय रेलवे के हाई-स्पीड नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बना सकती हैं।

News Desk

सटीकता, निष्पक्षता और जिम्मेदार पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध, हमारे रिपोर्टर जमीनी स्तर से महत्वपूर्ण खबरों को जुटाकर तथ्यों की पुष्टि के साथ पाठकों तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। PratidinRajdhani.in के माध्यम से वे समाज, शहर और देश से जुड़ी प्रमुख घटनाओं एवं जनहित के मुद्दों को विश्वसनीय और तथ्यपरक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
Back to top button
📰 E-Paper