छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की अद्भुत लोक नृत्य एवं लोककला को जीवित रखना फोटो प्रदर्शनी का उद्देश्य

 

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रायपुर, 3 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ राज्य में लोक कला अत्यंत सुंदर अद्भुत है क्लाउड द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य की लोक नृत्य एवं लोक कला को जन-जन तक पहुंचना है ।आज प्रदर्शनी में भानु प्रतापपुर बस्तर क्षेत्र के छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम में आकर बस्तर की सुंदर कला को देख अपने आप को बोलने से नहीं रोक पाए की “आमचो बस्तर सुघर बस्तर” इसी प्रकार हर वर्ग आयु के लोगों ने फोटो प्रदर्शनी में न सिर्फ भाग लिया बल्कि फोटो प्रदर्शनी की फोटो खींचकर रील बनाकर सोशल मीडिया में शेयर की इस आयोजन से आने युवा पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की अद्भुत लोक नृत्य एवं लोककला को जीवित रखना और उसे विश्व पटल पर आगे बढ़ाने की दिशा में एक अवसर है कार्यक्रम के आयोजन के पीछे दीपेंद्र दीवान की सोच थी हमारे राज्य की सुंदर संस्कृति को जन-जन तक न सिर्फ पहुंचना है ।

इस कार्यक्रम के अवलोकन के लिए कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए जिनमें रेलवे के वाणिज्यिक अधिकारी श्री राकेश सिंह वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती सरिता दुबे,श्री कुलदीप शुक्ला, नोकिया एवं टाटा कंसलटेंसी से कॉर्पोरेट की टीम ने इस प्रदर्शनी को अत्यंत सराहा इस अवसर पर मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया से आई श्रीमती दीपिका मिश्रा जो पूर्व में रायपुर निवासी रही है अब वह ऑस्ट्रेलिया सिटीजनशिप
ले चुकी है उन्होंने इस प्रदर्शनी में आकर छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया कहां उन्होंने बताया वह अपनी मिट्टी की खुशबू को बहुत याद करती हैं इस अवसर पर धनलक्ष्मी मिश्रा कॉलेज प्राध्यापिका ने बताया कि यह युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत उपयोगी प्रदर्शनी है ।

इस फोटो प्रदर्शनी में श्री दीपेंद्र दीवान, श्री अखिलेश भरोस,श्री धनेश्वर साहू,सुश्री हर्षा सिंदूर एवं शौर्य दीवान के फोटोग्राफ्स फोटो प्रदर्शनी में प्रदर्शित हुए हैं इस कार्यक्रम में दीपेंद्र दीवान का कहना है की ऐसे आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए जिससे आने वाली पीढियां कोछत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति के झलक देखने को मिलती है l
यह फोटो प्रदर्शनी छायाचित्रों के माध्यम से न केवल दृश्य सौंदर्य प्रस्तुत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोक जीवन, सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी देगी। प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना, लोक कलाकारों और शिल्पकारों के योगदान को रेखांकित करना तथा लोक कला के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।

इस कार्यक्रम में अन्य प्रदेशों एवं राज्य के अन्य जिलों से आए लोगों को छत्तीसगढ़ की विविधता अत्यंत पसंद आई कार्यक्रम में बिलासपुर से पीएचडी कर रहे छात्रों का समूह इस कार्यक्रम में शामिल होने आया उन्होंने कार्यक्रम को अत्यंत सराहा कई पर्यटन से जुड़े उद्यमी कार्यक्रम में रोजगार के अवसर को देखने के उद्देश्य से भी शामिल हुए l

यह आयोजन कला प्रेमियों के साथ-साथ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, संस्कृति अध्येताओं और आम नागरिकों के लिए भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जानने, समझने और अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध होगा।

यह आयोजन 04 जनवरी 2026 तक कला वीथिका, महंत घासीदास परिसर, घड़ी चौक, रायपुर में आयोजित की जा रहीं है l प्रदर्शनी में प्रवेश सभी के लिए पूर्णतः निःशुल्क है और प्रदर्शनी सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक आयोजन से जुड़ सकें।

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