
गर्मियों में ताजा बैंगन खाने के लिए बालकनी में लगाएं पौधा, इन आसान तरीकों से करें देखभाल
बाजार में मिलने वाली कई सब्जियों में कभी-कभी केमिकल मिलाया जाता है ताकि वह लंबे समय तक हरी-भरी दिखें। लेकिन ये केमिकल्स स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। बैंगन भी ऐसी सब्जियों में से एक है, जिसे ताजा बनाए रखने के लिए कभी-कभी केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप अपनी सेहत से समझौता नहीं करना चाहते, ताजी, रसायनिक-मुक्त सब्जियां खाना चाहते हैं, तो बैंगन का पौधा घर पर ही उगा सकते हैं। इसे आप छोटी सी बालकनी से लेकर छत पर आसानी से लगा सकते हैं। थोड़ी सी नियमित देखभाल और सही तरीकों से आप पूरी गर्मियों में घर पर ताजा बैंगन का आनंद ले सकते हैं। आइए जानते हैं कि बैंगन का पौधा कैसे लगाया जाए और इसकी सही देखभाल कैसे करें।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैंगन की कई किस्में होती हैं, जैसे लंबा बैंगन, गोल बैंगन और छोटा बैंगन। ऐसे बैंगन की किस्म का चुनाव करें जो जल्दी फल देते हैं और छोटे आकार में भी उग जाते हैं।
1- बीज लगाने का सही तरीका
अगर आप बीज से पौधा उगाना चाहते हैं तो उसके लिए एक 10-12 इंच का गमला लें और उसमें 40% गार्डन मिट्टी, 30% कंपोस्ट या गोबर खाद, 30% रेत वाली मिट्टी और एक मुट्ठी खाद को एक सा मिलाकर गमले में डाल दें। अब इसमें बीज डालें और इसे 2-3 इंच ढक दें। मिट्टी को हल्का गीला और धूप वाली जगह पर रखें। 7-10 दिन में अंकुर निकलने लगते हैं। इसके अलावा आप मार्केट से सीधा पौधा भी खरीदकर गमले में लगा सकते हैं। गमले के नीचे जल निकासी के लिए छोटा छेद होना चाहिए।
2- कितनी देर धूप में रखें
बैंगन के पौधे को रोजाना कम से कम 5-6 घंटे धूप की जरूरत होती है। इसे बालकनी में ऐसे जगह पर लगाएं जहां सुबह की धूप आती हो और दोपहर में कम हो जाती हो।
3- पानी देने का सही तरीका
बैंगन के पौधे के लिए नमी जरूरी है, लेकिन पानी जमा नहीं होना चाहिए। गर्मियों में दिन में दो बार, सुबह और शाम हल्का पानी दे सकते हैं। बहुत अधिक पानी देने से पौधे की जड़ सड़ सकती है।
4- कब दें खाद
बैंगन के पौधे में 2-3 हफ्ते में खाद डाल सकते हैं। इसके लिए गोबर का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही गमले में 15 दिन में एक बार नीम की खली डाल सकते हैं या फिर इसका गोल बनाकर पौधों पर छिड़क सकते हैं। इससे कीड़े नहीं लगते हैं।
5- छटाई और फल तोड़ने का सही समय
अगर बैंगन के पत्ते सूख जाएं तो इन्हें समय-समय पर हटाते रहें। तने पर 3-4 मुख्य शाखाएं रखनी चाहिए, जिससे लगने और पौधे का विकास सही तरीके से होता रहे। वहीं, बैंगन तभी तोड़ें जब उसका आकार पकने लायक हो। वहीं, ज्यादा बड़ा होने पर यह सख्त और कड़वा हो सकता है।

