टेक्नोलॉजी

ट्रूकॉलर ने स्कैम का पता लगाने वाली तकनीक और लोगों की समझदारी को साथ जोड़कर स्कैम चेकर की शुरुआत की

इस नए वेब और एंड्राइड डेस्टिनेशन की मदद से कोई भी व्यक्ति बस कुछ ही सेकंड में किसी फर्जी लिंक, नंबर या मैसेज की जाँच कर सकता है, और ये 500 मिलियन यूज़र्स की स्कैम से जुड़ी जानकारी की वजह से मुमकिन हुआ है

बेंगलुरु: ट्रूकॉलर ने आज वेब और ऐप पर ट्रूकॉलर स्कैम चेकर के लॉन्च की घोषणा की। इस नए डेस्टिनेशन को बनाने का मकसद लोगों की मदद करना है, ताकि वे तुरंत पता लगा सकें कि कहीं वे किसी स्कैम के जाल में तो नहीं फँस रहे हैं, साथ ही वे धोखाधड़ी के नए-नए तरीकों के बारे में जान सकें। इसके पीछे सोच यह है कि ट्रूकॉलर की स्कैम के सुरक्षा सिर्फ कॉलर की पहचान या स्पैम को ब्लॉक करने तक सीमित न रहे, बल्कि इसके दायरे का विस्तार हो।

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इस नए सॉल्यूशन में स्कैम की पहचान करने वाली कई तरह की खूबियों को एकजुट किया गया है, जिसकी मदद से यूज़र्स फर्जी वेब लिंक की जाँच कर सकते हैं, फ़ोन नंबर के बारे में जान सकते हैं, स्कैम से जुड़ी ज़रूरी रिपोर्ट देख सकते हैं और कोई भी कदम उठाने से पहले संभावित धोखाधड़ी की कोशिशों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।

इस मौके पर ट्रूकॉलर के सीईओ, ऋषित झुनझुनवाला ने कहा, “अक्सर लोगों को लगता है कि कुछ गड़बड़ है, लेकिन कोई भी कदम उठाने से पहले उन्हें इसकी तुरंत जाँच करने के लिए एक आसान तरीके की तलाश होती है। स्कैम चेकर में हमने स्कैम का पता लगाने की काबिलियत और हमारी कम्युनिटी की रिपोर्ट को एक साथ जोड़ा है, ताकि लोग एक ही जगह पर किसी भी फर्जी लिंक, नंबर या कहानी की जाँच कर सकें।”

ट्रूकॉलर स्कैम चेकर की मदद से लोग ये सारे काम कर सकते हैं:

· किसी लिंक की जाँच करके पता लगा सकते हैं कि, कहीं वो धोखाधड़ी के इरादे से तो नहीं भेजा गया है या उसका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी के लिए तो नहीं किया जा रहा है।

· किसी फ़ोन नंबर के बारे में ट्रूकॉलर के डिटेक्शन सिस्टम और कम्युनिटी सिग्नल से मिली जानकारी देख सकते हैं।

· स्कैमफ़ीड रिपोर्ट में दूसरे लोगों द्वारा बताए गए मिलते-जुलते स्कैम के मामले ढूंढ सकते हैं।

· अपनी परेशानी को अपने शब्दों में बयाँ कर सकते हैं और उससे जुड़े नतीजे पा सकते हैं, जिसमें पूछे गए सवाल के साथ दिए गए लिंक या नंबर की जाँच करना और कम्युनिटी द्वारा साझा की गई मिलती-जुलती रिपोर्ट भी शामिल हैं।

कुल मिलाकर, इसमें वे तीनों चीजें शामिल हैं जो आमतौर पर किसी भी फर्जी मैसेज में होती हैं: एक नंबर, एक लिंक और एक कहानी। अब कोई भी व्यक्ति इन तीनों चीज़ों को एक ही जगह पर, बस कुछ ही सेकंड में देख सकता है।

कंपनी आने वाले दिनों में ट्रूकॉलर स्कैम चेकर के दायरे को और बढ़ाने की योजना बना रही है। इसमें स्कैम के नए-नए तरीकों की ज़्यादा जानकारी, बेहतर एनालिसिस के लिए स्क्रीनशॉट अपलोड करने की सुविधा, यूज़र ऑथेंटिकेशन और कई अन्य शानदार फीचर्स जल्द ही शामिल किए जाएंगे।

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उपलब्धता
ट्रूकॉलर स्कैम चेकर भारत में एंड्राइड ऐप पर लॉन्च हो गया है और जल्द ही इसे दूसरे देशों में भी पेश किया जाएगा, साथ ही इस दुनिया भर में ट्रूकॉलर की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। आने वाले वक्त में दूसरे बाज़ारों में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने और iOS प्लेटफॉर्म पर भी लॉन्च करने की योजना है।

News Desk

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