
“दिल्ली में हंगामा: बिहार वोटर लिस्ट विवाद पर संसद से EC तक मार्च, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में”
INDIA गठबंधन का प्रदर्शन: चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप-यह लेख दिल्ली में INDIA गठबंधन के सांसदों के विरोध प्रदर्शन के बारे में है, जहाँ उन्होंने चुनाव आयोग पर बिहार में वोट चोरी करने का आरोप लगाया। इस प्रदर्शन में कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए और पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लिया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!संसद से EC तक मार्च: एक विरोध का दृश्य-सोमवार को, INDIA गठबंधन के नेताओं ने संसद से चुनाव आयोग तक एक मार्च किया। उनके हाथों में ‘वोट चोरी’ के पोस्टर थे और सफेद टोपी पहनी थीं जिन पर ‘SIR’ (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) शब्द पर लाल क्रॉस बना था। मार्च में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे प्रमुख नेता भी शामिल थे। पुलिस ने ट्रांसपोर्ट भवन के पास बैरिकेड लगाकर मार्च को रोकने की कोशिश की और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। यह प्रदर्शन बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले हुआ है और इसने राजनीतिक माहौल को गरम कर दिया है।
विपक्षी नेताओं का एकजुट प्रदर्शन-इस मार्च में कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए, जिनमें कांग्रेस, डीएमके, राजद, वामदल और तृणमूल कांग्रेस के बड़े चेहरे शामिल थे। मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार, अखिलेश यादव जैसे नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रदर्शन के दौरान कई महिला नेताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के बैनरों पर ‘SIR + वोट चोरी = लोकतंत्र की हत्या’ और ‘SIR लोकतंत्र पर वार’ जैसे नारे लिखे थे। यह प्रदर्शन विपक्ष की चुनाव आयोग पर गंभीर आपत्तियों को दर्शाता है।
चुनाव आयोग का जवाब और राजनीतिक गतिरोध-चुनाव आयोग ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि SIR एक सामान्य प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना है। लेकिन विपक्ष इसे ‘साइलेंट इनविज़िबल रिगिंग’ बता रहा है और इसे वापस लेने की मांग कर रहा है। यह विवाद संसद के मानसून सत्र में भी बाधा बन गया है, जिससे कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। बिहार चुनावों के करीब आते ही यह राजनीतिक गतिरोध और गहराता जा रहा है। विपक्ष का मानना है कि चुनावों की निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए बेहद ज़रूरी है।

