
क्या है फोन ‘हाईजैक’ स्कैम? हैकर्स के झांसे में कहीं गवां न दे लाखों, जानें कैसे बचें
साइबर क्रिमिनल्स आए दिन नए-नए तरीकों से लोगों के साथ स्कैम कर रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट के बाद अब एक नए तरीके का स्कैम सामने आया है। इसमें हैकर्स यूजर्स के फोन को हाईजैक करके स्कैम कर रहे हैं। सामने आए मामले में हैकर्स ने एक महिला को 13 रुपये की पेमेंट करने के लिए कहा और फिर उसके बाद लाखों की ठगी कर ली। कहीं आपके साथ भी ऐसा न हो इसके लिए आपको पूरा मामला बताने जा रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कैसे हुआ फोन हाईजैक?
रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर क्रिमिनल्स ने मुंबई की एक 78 साल की बुजुर्ग महिला का फोन हाईजैक करके लाखों रुपये उड़ा लिए। इसके लिए ठगों ने बड़ी चालाकी से महिला के बैंक अकाउंट की डिटेल्स निकाली और 25 लाख रुपये उड़ा लिए। फिलहाल यह मामला साइबर पुलिस देख रही है। पुलिस के मुताबिक, साइबर क्रिमिनल्स ने महिला से इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp के जरिए संपर्क किया और फिर एक फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा।
हैकर्स ने महिला को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर कनेक्शन में नाम अपडेट करने के लिए कहा। महिला उस दौरान केरल घूमने गई थी। सरकारी विभाग का कॉल समझकर हैकर्स द्वारा दिए गए डिटेल पर 13 रुपये का पेमेंट कर दिया। इसके बाद हैकर्स ने महिला का फोन हाईजैक कर लिया और बैंकिंग डिटेल्स चोरी करके अकाउंट से 25 लाख रुपये की चोरी कर ली।
कैसे रहें सावधान?
साइबर क्रिमिनल्स लोगों को SMS, WhatsApp मैसेज, ई-मेल, फर्जी कॉल्स आदि के जरिए संपर्क करते हैं। वो किसी सरकरी विभाग, बैंक या फिर मोबाइल कंपनी आदि के अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते हैं और फिर उनके साथ ठगी करते हैं।
- अगर, कोई आपको WhatsApp, SMS या ई-मेल के जरिए किसी फाइल को डाउनलोड या लिंक ओपन करने के लिए कहता है तो उसे इग्नोर कर दें।
- ऐसे लिंक और फाइल में मेलवेयर होते हैं तो आपके फोन में सेंधमारी करते हैं।
- इसके अलावा आपको किसी को भी अपना पिन, OTP आदि शेयर नहीं करना चाहिए।
- किसी के साथ अपने पर्सनल डॉक्यूमेंट्स नहीं शेयर करना चाहिए। कई बार हैकर्स आपके डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके डुप्लीकेट सिम जारी करा सकते हैं और फिर आपके साथ स्कैम कर सकते हैं।

