
हम्पी ने जीता, फाइनल में ऑल-इंडियन मुकाबला तय!-भारतीय शतरंज की दिग्गज खिलाड़ी कोनेरु हम्पी ने कमाल कर दिखाया है! उन्होंने चीन की टिंग्जी लेई को कड़े मुकाबले के बाद हराकर एफआईडीई महिला विश्व कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। ये जीत इतनी आसान नहीं थी, हम्पी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्लासिकल गेम और टाईब्रेकर का रोमांच-शुरुआती दो क्लासिकल गेम ड्रॉ रहे। फिर 15-15 मिनट के टाईब्रेकर में भी 1-1 से बराबरी हुई। 10 मिनट के रैपिड टाईब्रेकर में हम्पी पहला गेम हार गईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दूसरे गेम में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने अपनी बेहतरीन एंडगेम स्किल्स से जीत हासिल की। हम्पी की ये जीत उनके अनुभव और लगन का प्रमाण है। हर मुश्किल घड़ी में उन्होंने अपना दम दिखाया और आखिरकार जीत हासिल की। उनके खेल में दिखने वाली दृढ़ता और तकनीकी मज़बूती वाकई काबिले तारीफ है। ये मुकाबला कितना रोमांचक रहा होगा, इसका अंदाज़ा आप लगा सकते हैं!
ऑल-इंडियन फाइनल: हम्पी बनाम देशमुख-अब फाइनल में हम्पी का सामना भारत की ही एक और शानदार खिलाड़ी दिव्या देशमुख से होगा। ये एक ऑल-इंडियन फाइनल होगा, जिससे भारतीय शतरंज प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है। दिव्या ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से सबको हैरान किया है। दोनों खिलाड़ी पहले ही अगले साल होने वाले महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं। ये फाइनल न सिर्फ़ शानदार शतरंज का नज़ारा होगा, बल्कि भारतीय शतरंज के लिए एक ऐतिहासिक पल भी होगा। कौन जीतेगा ये देखना बेहद रोमांचक होगा!
विश्व कप का सपना अधूरा, लेकिन हौसला बुलंद-हम्पी के करियर में कई उपलब्धियां हैं, लेकिन विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप खिताब अभी भी उनके लिए एक सपना है। उन्होंने एशियन और कॉमनवेल्थ खिताब जीते हैं, और टीम इंडिया को कई पदक दिलाए हैं। लेकिन व्यक्तिगत विश्व खिताब उनके करियर का अधूरा सपना है। लेकिन इस मुकाबले में हम्पी ने साबित कर दिया है कि उनका हौसला अभी भी बुलंद है और वो विश्व कप जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनके अंदर जो जुनून है वो वाकई काबिले तारीफ है।

