
क्या छत्तीसगढ़ का 2026-27 बजट बदल देगा विकास की दिशा? आज सदन में रखेंगे वित्त मंत्री ओपी चौधरी तीसरा बजट…
रायपुर / छत्तीसगढ़
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- 24 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू
- वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे साय सरकार का तीसरा बजट
- जल बोर्ड गठन, ‘जी राम जी’ योजना और स्टार्टअप–MSME को बढ़ावा संभव
- राजधानी को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी
- शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
सदन की कार्यवाही और बजट प्रस्तुति
छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का बहुप्रतीक्षित बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी साय सरकार का तीसरा बजट सदन में रखेंगे। कार्यवाही की शुरुआत अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य दीनदयाल सिंह पोर्ते के निधन पर शोक उल्लेख से होगी, इसके बाद प्रश्नकाल और फिर बजट प्रस्तुति होगी। यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब राज्य में गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और औद्योगिक विकास सरकार की प्राथमिकताओं में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
विकास, टेक्नोलॉजी और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस
सरकार इस बार प्रशासनिक सुधार, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दे सकती है। योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और सेवा विस्तार के लिए विशेष प्रावधान संभव हैं। ‘जी राम जी’ (ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन) के तहत ग्राम पंचायतों के विकास के लिए बड़े बजट की उम्मीद है। स्टार्टअप और MSME को प्रोत्साहन, जिला स्तर पर फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ावा और युवाओं के लिए रोजगार सृजन से जुड़े नए पैकेज की घोषणा हो सकती है। किसानों के लिए समर्थन मूल्य, सिंचाई और कृषि अधोसंरचना पर अतिरिक्त राशि तथा महिलाओं और बच्चों के लिए पोषण व स्वास्थ्य योजनाओं को मजबूती देने की संभावना भी जताई जा रही है।
राजधानी विकास, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य को नई दिशा
राजधानी को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने की योजना के तहत शहरी अधोसंरचना, जल एवं ऊर्जा सुधार और जल बोर्ड गठन जैसे बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। छोटे और मंझोले शहरों में खेल सुविधाओं के विस्तार के साथ शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापना के लिए लगभग 1.86 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। शिक्षा क्षेत्र में जिलों में नालंदा लाइब्रेरी स्थापित करने की तैयारी है, वहीं केंद्र की पीएम सूर्यघर योजना और आयुष्मान योजना के लिए करीब दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान स्वास्थ्य और सोलर ऊर्जा विस्तार को गति दे सकता है। कुल मिलाकर यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल ग्रोथ और सामाजिक सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास माना जा रहा है।

