
28 करोड़ से अधिक जनधन खाते महिलाओं के पास, नए भारत में बढ़ रही भागीदारी : निर्मला सीतारमण
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वित्तीय सेवाओं तक पहुंच ने महिलाओं को असली आजादी तक पहुंचने में मदद की है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जनधन खाता और “लखपति दीदियों” जैसी सरकारी योजनाएं महिलाओं को वित्तीय रूप से मजबूत कर रही हैं और पूरे भारत में घरों और समुदायों को नया आकार दे रही हैं।
जन धन योजना की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, देश में अब तक 57.71 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं।
वहीं, लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को ट्रेनिंग, फाइनेंस और अन्य संसाधनों की मदद दी जाती है। इसका लक्ष्य महिलाओं को इतना सक्षम बनाना है कि वे सालाना एक लाख रुपए या उससे ज्यादा की आय अर्जित कर सकें। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलता है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “जब महिलाओं को वित्तीय सहायता मिलती है, तो उन्हें स्वतंत्रता मिलती है। महिलाओं के पास अब 28 करोड़ से अधिक जन धन खाते हैं, जो पूरे भारत में घरों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचा रहे हैं और उनकी वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत कर रहे हैं।”
इसी प्रकार, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के योगदान की सराहना की।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति” नए भारत के निर्माण का आधार है और देश के विकास के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अवसर सृजित करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
गोयल ने आगे कहा कि महिलाएं दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ भारत के परिवर्तन का नेतृत्व कर रही हैं, चाहे वह उद्यमशीलता हो, खेल, रक्षा, विज्ञान या ग्रामीण विकास।
इस दिन को मनाते हुए, उन्होंने महिलाओं की शक्ति और आकांक्षाओं का समर्थन करने और एक मजबूत और समृद्ध भारत के भविष्य को आकार देने में उनकी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता का आह्वान किया।

