छत्तीसगढ़ की 4 बिहान दीदियां बनीं ड्रोन पायलट, CM साय ने प्रमाणपत्र देकर बढ़ाया हौसला, अब खेती में दिखाएंगी हुनर

रायपुर : छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं अब आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रही हैं। जशपुर जिले की चार बिहान दीदियों ने ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर एक नई उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन महिलाओं की सफलता पर खुशी जताते हुए इसे महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में प्रशिक्षण पूरा करने वाली चारों महिलाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए। उन्होंने सभी को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां मेहनत और लगन से सफलता की नई ऊंचाइयां छू रही हैं। ग्रामीण महिलाओं की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
जशपुर की इन चार महिलाओं ने पूरा किया ड्रोन पायलट प्रशिक्षण
ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं में कांसाबेल विकासखंड के ग्राम चेतबा की शांति बाई, बगीचा विकासखंड के ग्राम बिमड़ा की शकीला खातून, ग्राम सन्ना की पार्वती नगेशिया और जशपुर विकासखंड के ग्राम जुरगुम की चिंता सिंह शामिल हैं।
इन सभी महिलाओं ने रायपुर स्थित डीजीसीए से संबंधित प्रशिक्षण संस्थान से ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब ये महिलाएं कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
खेती में ड्रोन से करेंगी किसानों की मदद
ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण मिलने के बाद महिलाएं कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीक का उपयोग कर सकेंगी। इसके माध्यम से खेतों में उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव किया जा सकेगा। इससे किसानों को आधुनिक कृषि सेवाएं मिलेंगी और ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
इस पहल के तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन, सुरक्षित उड़ान, रिमोट पायलटिंग और कृषि कार्यों में ड्रोन के उपयोग की जानकारी दी जाती है। नमो ड्रोन दीदी योजना का उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूहों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
CM साय बोले- ग्रामीण महिलाओं में प्रतिभा की कमी नहीं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण बहनों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन देने की है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना परिवार और समाज दोनों की प्रगति के लिए जरूरी है। सरकार चाहती है कि ग्रामीण महिलाएं पारंपरिक आजीविका के साथ तकनीक आधारित रोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ें।
दूसरी महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
जशपुर की चार बिहान दीदियों की यह सफलता अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण पूरा कर उन्होंने साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर गांव की महिलाएं भी आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। अब ये महिलाएं कृषि सेवाओं के माध्यम से अपनी आमदनी बढ़ाने के साथ दूसरे किसानों और महिलाओं को भी नई तकनीक से जोड़ने में मदद कर सकेंगी।

