
विधानसभा सत्र राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू: विकसित छत्तीसगढ़ की रूपरेखा पेश: किसान समृद्धि से लेकर नक्सल उन्मूलन तक सरकार का व्यापक रोडमैप…
रायपुर / छत्तीसगढ़
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्य बिंदु :
• 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख टन धान की एमएसपी पर खरीदी, ₹33,431 करोड़ भुगतान
• होली से पहले ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत ₹10,292 करोड़ जारी होंगे
• 69 लाख महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ में प्रतिमाह ₹1,000
• दो वर्षों में 532 माओवादी ढेर, 2704 ने किया आत्मसमर्पण
• 51 हजार करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट, बस्तर कनेक्टिविटी को नई रफ्तार
• पांच जिलों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं
किसान समृद्धि और विकसित राज्य का विजन
छत्तीसगढ़ की छठवीं विधानसभा के अष्टम सत्र में राज्यपाल रमेन डेका ने अपने अभिभाषण में स्पष्ट किया कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का लक्ष्य किसान समृद्धि के बिना संभव नहीं। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस वर्ष 25.24 लाख किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 141.04 लाख टन धान की खरीदी कर ₹33,431 करोड़ का भुगतान किया है। होली से पहले ‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत ₹10,292 करोड़ किसानों के खातों में हस्तांतरित किए जाएंगे। वर्ष 2047 तक राज्य को विकसित बनाने के लिए तैयार ‘अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ को सरकार की दीर्घकालिक विकास रूपरेखा बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार पहुंच और उचित मूल्य सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
महिला सशक्तिकरण, युवा अवसर और सामाजिक प्रतिबद्धता
महिला सशक्तिकरण को सामाजिक विकास की धुरी बताते हुए अभिभाषण में उल्लेख किया गया कि लगभग 69 लाख महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत प्रतिमाह ₹1,000 की सहायता दी जा रही है और अब तक ₹15,596 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं। ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के अंतर्गत 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, जबकि 137 ‘महतारी सदन’ स्थापित किए गए हैं। युवाओं के लिए नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, प्रतियोगी परीक्षाओं की अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है और लगभग 32 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। साथ ही ‘छत्तीसगढ़ नवाचार व स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26’ के माध्यम से युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया गया।
नक्सल मोर्चे पर निर्णायक प्रहार, स्वास्थ्य और अधोसंरचना में विस्तार
राज्यपाल ने नक्सलवाद के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में 532 माओवादी मारे गए, 2704 ने आत्मसमर्पण किया और 2004 गिरफ्तार किए गए। आत्मसमर्पण नीति और ‘नियद नेल्लानार योजना’ के जरिए माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। औद्योगिक विकास के संदर्भ में राज्य को मैन्यूफैक्चरिंग व सर्विस सेक्टर का हब बनाने की दिशा में 51 हजार करोड़ रुपए के रेलवे प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं, जिनमें जगदलपुर-रावघाट रेल मार्ग और कोत्तावलसा-किरंदुल रेल लाइन का दोहरीकरण बस्तर के विकास के लिए अहम माना जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ से 2273 मरीजों को ₹62 करोड़ की सहायता दी गई, 81 लाख परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए तथा जशपुर, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।

