
सिर्फ 30 मिनट की वॉक से दिल और दिमाग होंगे ज्यादा हेल्दी, जानें सही तरीका
नाीर डेस्क : आजकल डेस्क जॉब, सुस्त जीवनशैली और ऑनलाइन डिलीवरी जैसी सुविधाओं के कारण लोगों की फिजिकल एक्टिविटी काफी कम हो गई है। इसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। दिल से जुड़ी बीमारियां, मोटापा, तनाव और नींद की समस्या आज आम होती जा रही हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि इन समस्याओं से बचने के लिए आपको जिम या भारी एक्सरसाइज की जरूरत नहीं है। सिर्फ 30 मिनट की सही वॉकिंग भी आपके दिल और दिमाग को ज्यादा हेल्दी बना सकती है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चलना क्यों है सबसे आसान और असरदार एक्सरसाइज?
वॉकिंग ऐसी एक्सरसाइज है जिसे हर उम्र का व्यक्ति आसानी से कर सकता है। यह न सिर्फ दिल और दिमाग, बल्कि फेफड़ों, हड्डियों और मांसपेशियों के लिए भी फायदेमंद होती है। रोजाना 30 मिनट की ब्रिस्क वॉकिंग शरीर के बेसिक हेल्थ सिस्टम को मजबूत बनाती है और कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करती है।

क्या रोज 30 मिनट चलना काफी है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, दिन में कम से कम 30 मिनट चलना जरूरी है। अगर आप एक साथ 30 मिनट नहीं चल पा रहे हैं, तो आप इसे दिन में तीन बार 10-10 मिनट में भी पूरा कर सकते हैं। हफ्ते में जितने ज्यादा दिन आप चलेंगे, उतना ही बेहतर रिजल्ट मिलेगा
वॉकिंग का सही तरीका क्या है?
सिर्फ टहलना ही काफी नहीं, बल्कि सही तरीके से चलना जरूरी है। इसके लिए ब्रिस्क वॉकिंग सबसे बेहतर मानी जाती है।
आपकी चाल सामान्य से थोड़ी तेज हो
चलते समय आप आराम से बात कर सकें
लेकिन गाना गाने पर हल्की सांस फूलने लगे
यही संकेत है कि आपकी वॉकिंग की स्पीड सही है।

30 मिनट ब्रिस्क वॉकिंग के जबरदस्त फायदे
दिल रहेगा हेल्दी: रोज चलने से हार्ट फंक्शन बेहतर होता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है।
फेफड़ों की ताकत बढ़ती है: ब्रिस्क वॉकिंग से फेफड़ों को ज्यादा ऑक्सीजन लेने का मौका मिलता है, जिससे उनकी क्षमता और मजबूती बढ़ती है।
बेहतर ब्लड सर्कुलेशन: चलने से पूरे शरीर में ब्लड फ्लो सुधरता है और स्ट्रोक का खतरा भी कम हो सकता है।
वजन कंट्रोल में मदद: 30 मिनट की ब्रिस्क वॉकिंग से करीब 200 कैलोरी तक बर्न हो सकती है, जो वजन घटाने और मेंटेन करने में मददगार है।
हड्डियां और जोड़ मजबूत: वॉकिंग से हड्डियों का घनत्व बना रहता है और जोड़ों में लचीलापन आता है, जिससे बोन लॉस का खतरा कम होता है।
दिमाग और मूड पर असर: नियमित वॉकिंग तनाव कम करती है, मूड बेहतर बनाती है और नींद की गुणवत्ता सुधारती है।

डेली रूटीन में वॉकिंग कैसे बढ़ाएं?
नजदीकी मार्केट या दुकान पैदल जाएं
फोन पर बात करते समय टहलें
लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें
ऑफिस जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएं
शुरुआत में अपनी सुविधा के अनुसार स्पीड रखें।

