
बीजापुर छात्रावास में छात्राओं के गर्भवती होने का मामला सदन में गूंजा, चर्चा की अनुमति न मिलने पर विपक्ष का वॉकआउट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में बीजापुर जिले के गंगालुर स्थित पोर्टाकेबिन हाई स्कूल छात्रावास में तीन नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने की घटना को लेकर विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया और तत्काल चर्चा की मांग की। हालांकि सभापति द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने पर विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।
स्थगन प्रस्ताव में बताया गया कि गंगालुर स्थित पोर्टाकेबिन आवासीय छात्रावास में पढ़ने वाली तीन छात्राएं—दो कक्षा 12वीं और एक कक्षा 11वीं की—गर्भवती पाई गई हैं। इनमें से दो छात्राएं नाबालिग बताई जा रही हैं और सभी करीब पांच महीने की गर्भवती हैं।
विपक्ष का आरोप है कि घटना सामने आने के बाद छात्राओं को छात्रावास से उनके घर भेज दिया गया और यह बताया जा रहा है कि वे अनुपस्थित हैं। विपक्षी विधायकों ने इसे अनुसूचित क्षेत्र में छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इससे सरकारी छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
स्थगन प्रस्ताव में यह भी आरोप लगाया गया कि गर्भावस्था की जानकारी मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया गया और छात्राओं को घर भेज दिया गया। विपक्ष ने कहा कि अब मामला सार्वजनिक होने के बाद दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
विपक्षी सदस्यों ने मांग की कि तीनों मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मामले को दबाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जाए।
विपक्ष ने सभापति से आज की कार्यसूची स्थगित कर इस विषय पर चर्चा कराने की मांग की, लेकिन अनुमति नहीं मिलने पर विपक्षी विधायक विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर गए।

