
स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार और तकनीक का समावेश समय की मांग : राज्यपाल
देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने गुरुवार को द्वितीय हिमालयन हेल्थकेयर इनोवेशन समिट-2026 में प्रतिभाग किया। राज्यपाल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नवाचार एवं तकनीक के समावेश को समय की आवश्यकता पर जोर दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राज्य के सेतु आयोग, स्वास्थ्य विभाग और वेलॉक्स की ओर से राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित इस समिट में देशभर के हिमालयी राज्यों के आए प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने संबोधित किया। राज्यपाल ने कहा कि राज्य की प्राथमिक एवं निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि इन्हें सशक्त किए बिना समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावी नहीं बनाया जा सकता।
राज्यपाल ने कहा कि यह समय है, जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरणों एवं टेलीमेडिसिन जैसी तकनीकों से जोड़ा जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक का प्रभावी उपयोग कितना महत्वपूर्ण है। ऐसे में एआई, टेलीमेडिसिन और मोबाइल संचार साधनों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, त्वरित और प्रभावी बनाया जा सकता है।
राज्यपाल ने स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके नियमित प्रशिक्षण, क्षमता संवर्धन एवं उन्हें नवीनतम तकनीकों और नवाचारों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन ही स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए ट्रॉमा केयर एवं त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत किया जाना चाहिए, जिससे मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।
राज्यपाल ने महिला स्वास्थ्य को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की नारी शक्ति राज्य की धुरी है। उनके स्वास्थ्य, विशेषकर एनीमिया के उन्मूलन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने आवश्यक हैं। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के सुदृढ़ीकरण तथा नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। इस अवसर पर सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनिता टम्टा, वेलॉक्स के को-फाउंडर मोहित शर्मा सहित विभिन्न प्रदेशों के प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

