
छत्तीसगढ़ विधानसभा: खतरनाक औद्योगिक अपशिष्ट पर सवाल, सिर्फ 19 उद्योगों में मॉनिटरिंग
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में औद्योगिक खतरनाक अपशिष्ट को लेकर सत्र में कड़ा मुद्दा उठाया गया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी से सवाल किया कि प्रदेश में कितनी औद्योगिक इकाइयाँ खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न कर रही हैं और उनका सुरक्षित प्रबंधन कैसे हो रहा है।
पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी ने जवाब दिया कि प्रदेश में कुल 665 लघु, मध्यम और बड़े उद्योग खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 में केवल 19 उद्योगों में ऑनलाइन एमीशन मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। यह व्यवस्था सरकारी खर्च से नहीं, बल्कि उद्योगों ने स्वयं अपने खर्च पर की है।
मंत्री ने आगे कहा कि 163 उद्योग खतरनाक गैसें उत्सर्जित करते हैं, जबकि 124 उद्योगों पर छत्तीसगढ़ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी और अपडेट की व्यवस्था है। हैवी मेटल उद्योगों के लिए नियमित निरीक्षण दल तैनात किए गए हैं, जो समय-समय पर मॉनिटरिंग कर कार्रवाई करते हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि जब सरकारी खर्च की बात कही गई थी, तो बजट में कितनी राशि का प्रावधान किया गया। इस पर मंत्री चौधरी ने कहा कि बजट की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उद्योगों से वसूली गई पेनल्टी राशि पर्याप्त है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह खुलासा छत्तीसगढ़ के पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है, क्योंकि अधिकांश उद्योगों में खतरनाक अपशिष्ट का प्रभावी नियंत्रण अब भी नहीं हो पा रहा है।
