
राजनीति हमारे लिए सत्ता का माध्यम नहीं राष्ट्र नीति का मार्ग है : नितिन नवीन
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी मुख्यालय में ध्वजारोहण किया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजनीति हमारे लिए सत्ता का माध्यम नहीं राष्ट्र नीति का मार्ग है। हमारा सफर आसान नहीं रहा है। इस दाैरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी माैजूद रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहित कई पूर्व अध्यक्षों एवं नेताओं की उपलब्धियों को याद किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने संगठन को और मजबूत बनाने तथा आगामी चुनावों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन ने राष्ट्र प्रथम की विचारधारा को आत्मसात करते हुए पार्टी और संगठन को सशक्त बनाने वाले करोड़ों समर्पित कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राजनीति हमारे लिए सत्ता का माध्यम नहीं राष्ट्र नीति का मार्ग है। हमारा सफर आसान नहीं रहा है। हजारों कार्यकर्ताें ने यातनाएं ओर बलिदान दे कर हमें इस मुकाम तक पहुंचाया है। बंगाल, केरलम, जम्मू कश्मीर सहित कई प्रांतों में कई कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिया है। आज के दिन में उन्हें नमन करता हूं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम की विचारधारा को लेकर हम निरंतर आगे बढ़े हैं। आज भाजपा 14 करोड़ सदस्यों के साथ विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। ये केवल संख्या नहीं बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के अटूट विश्वास का प्रतीक है। हमें पथप्रदर्शकों को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने के लिए स्वयं को समर्पित करना है। पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।
उन्होंने कहा कि आज के दिन सभी को संकल्प लेना है कि तमाम हारे हुए सीटों को जीत में बदलना है। इसी संकल्प से हम पार्टी को नई ऊंचाइयों पर ले जायेंगे।

