छत्तीसगढ़

जनसंपर्क और पत्रकारिता में बढ़ रही हैं चुनौतियाँ : जी.एस. सलूजा

रायपुर. महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में आज विद्यार्थियों के लिए सामूहिक मौखिक परिक्षण एवं चर्चा सत्र का आयोजन किया गया. इसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा के वरिष्ठ सूचना अधिकारी गुरजीत सिंह सलूजा विशेष रूप से आमंत्रित थे.

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जनसंपर्क में विविधता और चुनौतियाँ विषय पर अपने संबोधन में  सलूजा ने कहा कि- जनसंपर्क का क्षेत्र हमेशा से ही बहुत चुनौतीपूर्ण रहा है. लेकिन अब सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया के विस्तार के बाद चुनौती और बढ़ गई है.उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच एक सेतु का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि- पत्रकारिता सामाजिक उत्तरदायित्व,नैतिक दायित्व एवं सबसे बढ़कर समाज की सेवा करने का महत्वपूर्ण साधन है।उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता का कार्य क्षेत्र बहुत तेजी से बदला है इसलिए विद्यार्थियों को इनमें दक्षता हासिल करनी चाहिए।उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि – कार्य क्षेत्र बदलने के बाद उन्हें पत्रकारिता की पढ़ाई भी करनी पड़ी, जिसे उन्होंने मन लगाकर पूरा किया और आज वे विधानसभा में वरिष्ठ पद पर अपना दायित्व निभा रहे हैं. यह सब तभी संभव हुआ जब उन्होंने जनसंपर्क अधिकारी के रूप में आने वाली सभी चुनौतियों का साहस के साथ सामना किया और अपनी कार्यक्षमता को साबित भी किया.

इससे पहले महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी ने कहा कि महंत कालेज के लिए यह गर्व का विषय है कि  सलूजा यहाँ मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म के विद्यार्थी रहे और बाद में उन्होंने जनसंपर्क के क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल किया. उन्होंने विषय को रखांकित करते हुए कहा कि जनसंपर्क हो, या फिर मीडिया का कोई भी अन्य क्षेत्र, चुनौतियों सभी जगह मौजूद हैं. इसका सामना करने के लिए पत्रकारिता के विद्यार्थियों और युवा मीडियाकर्मियों को धैर्य और संयम से काम लेना जरुरी है. तभी विषम परिस्थितियों के बावजूद कोई व्यक्ति सफलता अर्जित करते हुए अपनी अलग पहचान बना सकता है.

कार्यक्रम में स्वागत भाषण करते हुए पत्रकारिता संकाय के विभागाध्यक्ष आर.पी. दुबे ने कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में नई तकनीक और सोशल मीडिया के आने से अनेक प्रकार की नई चुनैतियां सामने आ गई हैं. इन सबसे निबटने के लिए पत्रकारिता के छात्रों को हर दिन एक अनी परीक्षा से गुजरना पड़ता है. साथ ही नई तकनीक को भी सीखना पड़ता है. तभी श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं. कार्यक्रम के अंत में आमंत्रित अतिथि का शाल और स्मृति चिन्ह से सम्मान किया गया

कार्यक्रम के दौरान पपत्रकारिता के विद्यार्थों से  सलूजा ने मौखिक सत्र में सवाल भी किए जिनका सभी छात्रों ने जवाब दिए. साथ ही  सलूजा ने भी विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया.

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