मध्यप्रदेश

CM के आदेश हवा? उज्जैन-दतिया को छोड़ बाकी जिलों में कलेक्टरों ने नहीं निभाई ग्रामीण रात्रि विश्राम की जिम्मेदारी

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लगातार बैठकों में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अधिक से अधिक समय फील्ड में बिताएं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम कर सीधे जनता से संवाद स्थापित करें। उद्देश्य यही है कि प्रशासन कागजी कार्रवाई से बाहर निकलकर जमीनी हकीकत को समझे और योजनाओं का वास्तविक लाभ आमजन तक पहुंच सके। निर्देशों में यह भी कहा गया था कि अधिकारी गांवों और कस्बों में रात्रि चौपाल लगाएं, ग्रामीणों से सीधे संवाद करें तथा गेहूं खरीदी, पेयजल व्यवस्था, आवास, स्वास्थ्य और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन मौके पर जाकर करें।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

PunjabKesariहालांकि, प्रशासनिक हलकों से सामने आ रही जानकारी के अनुसार अब तक केवल दो जिलों उज्जैन और दतिया में ही कलेक्टर स्तर पर रात्रि विश्राम की पहल दिखाई दी है। उज्जैन में कलेक्टर रौशन सिंह और दतिया में कलेक्टर स्वप्निल वानखेडे द्वारा गांवों में रुककर ग्रामीणों से संवाद किए जाने की बात सामने आई है।

PunjabKesariइसके विपरीत, अन्य जिलों में अब तक इस निर्देश का व्यापक स्तर पर पालन नहीं हो पाया है, जिससे प्रशासनिक अमले की फील्ड उपस्थिति और ग्रामीण संपर्क को लेकर सवाल उठने लगे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो न केवल योजनाओं की जमीनी निगरानी मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण समस्याओं का त्वरित समाधान भी संभव हो सकेगा। वहीं, फिलहाल स्थिति यह दर्शा रही है कि फील्ड विज़िट को लेकर अभी भी कई जिलों में औपचारिकता हावी है। प्रशासनिक स्तर पर अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में अन्य जिले भी इस मॉडल को अपनाते हैं या नहीं।

Join Us
Back to top button
12 हजार से भी कम, 8GB रैम और 5G सपोर्ट के साथ 25,000 में ट्रेन से 7 ज्योतिर्लिंग यात्रा, जानें पूरा पैकेज और किराया IRCTC Bharat Gaurav चलेगी 10 पैसे प्रति किलोमीटर e-Luna Prime,सस्ती इलेक्ट्रिक बाइक iPhone से Pixel तक स्मार्टफोन पर बेस्ट डील्स, आज आखिरी मौका