
प्रधानमंत्री मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरा के बीच द्विपक्षीय वार्ता, ग्रीन रणनीतिक साझेदारी पर सहमति
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनस गौर स्टोरा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। प्रधानमंत्री मोदी के ओस्लो पहुंचने पर प्रधानमंत्री स्टोरा ने स्वयं हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसे भारत-नॉर्वे के घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा
दोनों नेताओं ने भारत-नॉर्वे संबंधों के विभिन्न आयामों की समीक्षा की। बातचीत में व्यापार और निवेश, भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए), जलवायु कार्रवाई, ऊर्जा परिवर्तन, ब्लू इकॉनमी, ओशन गवर्नेंस, अनुसंधान, उच्च शिक्षा, आर्कटिक सहयोग, अंतरिक्ष और टैलेंट मोबिलिटी जैसे विषय शामिल रहे। दोनों देशों ने अपने संबंधों को “ग्रीन रणनीतिक साझेदारी” के रूप में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई, जो सतत विकास और हरित प्रगति के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
दोनों नेताओं ने आर्थिक और व्यावसायिक साझेदारी की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में नॉर्वे की कंपनियों द्वारा अधिक निवेश का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को रेखांकित किया। साथ ही व्यापारिक प्रतिनिधियों को विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय सहयोग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि टीईपीए के तहत 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश और भारत में 10 लाख रोजगार सृजित करने की प्रतिबद्धता पूरी की जा सके।
ब्लू इकॉनमी और ग्रीन शिपिंग पर जोर
भारत और नॉर्वे ने ब्लू इकॉनमी के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। इसमें समुद्री इकोसिस्टम संरक्षण, शिपबिल्डिंग, ग्रीन शिपिंग, टनलिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, अंतरिक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, नाविकों का प्रशिक्षण, मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। दोनों नेताओं ने यूएनसीएलओएस के सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इंडो-पैसिफिक ओशंस इनिशिएटिव में नॉर्वे के शामिल होने का स्वागत किया।
स्टार्टअप और इनोवेशन सहयोग बढ़ाने पर सहमति
प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे को जून 2026 में फ्रांस में आयोजित होने वाले ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम में भाग लेने का निमंत्रण दिया। उन्होंने भारत और नॉर्वे के बीच स्टार्टअप इनोवेशन हब और ग्रीन इनोवेशन हैकाथॉन स्थापित करने का भी सुझाव दिया।
स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु क्षेत्र में सहयोग
दोनों नेताओं ने कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (CCUS), ऑफशोर विंड तकनीक और भारत में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में नॉर्वे के बड़े निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने आर्कटिक क्षेत्र में ध्रुवीय अनुसंधान और लॉजिस्टिक्स सहयोग मजबूत करने पर भी सहमति जताई।
शिक्षा, अनुसंधान और तकनीक पर फोकस
भारत और नॉर्वे ने नवीकरणीय ऊर्जा, महासागर, जलवायु, स्वास्थ्य, क्रिटिकल मिनरल्स, उभरती प्रौद्योगिकियों और आईटी के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर बल दिया। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संयुक्त डिग्री कार्यक्रम, डिग्रियों की पारस्परिक मान्यता और छात्रों व फैकल्टी की आवाजाही बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता
दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। नॉर्वे ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। भारत और नॉर्वे ने सीमा पार आतंकवाद सहित सभी प्रकार के आतंकवाद की एक स्वर में निंदा की और इसके खिलाफ ठोस वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया।
रक्षा और डिजिटलीकरण सहयोग बढ़ेगा
दोनों देशों ने रक्षा सहयोग और रक्षा औद्योगिक साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा की। साथ ही डिजिटल पब्लिक गुड्स में तीसरे देशों के साथ सहयोग और डिजिटलीकरण पर संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री मोदी ने गर्मजोशी से स्वागत के लिए प्रधानमंत्री स्टोरा और नॉर्वे की जनता का आभार व्यक्त किया तथा उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया। दोनों नेताओं ने उच्च स्तरीय संपर्क लगातार बनाए रखने पर सहमति जताई।

