
Chhattisgarh News: 1 अगस्त से सरकारी विभागों में प्री-पेड बिजली बिलिंग अनिवार्य, सरकार ने लागू किया नया नियम
Chhattisgarh News: सरकारी कार्यालयों में अब बिजली का इस्तेमाल भी मोबाइल रिचार्ज की तरह होगा। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में एक अगस्त से प्री-पेड बिजली बिलिंग व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत विभागों को पहले से बिजली का रिचार्ज कराना होगा। निर्धारित बैलेंस समाप्त होने और समय पर दोबारा रिचार्ज नहीं होने पर बिजली आपूर्ति स्वत: बंद हो जाएगी। ऊर्जा विभाग के उप सचिव आशुतोष कुमार जायसवाल ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 15 जुलाई तक सभी विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दो चरणों में होगी शुरुआत
सरकारी विभागों के कुल 1.65 लाख से अधिक बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें करीब 1.44 लाख पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। पहले चरण में राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के सभी कार्यालयों में प्री-पेड व्यवस्था लागू होगी। दूसरे चरण में ब्लॉक से नीचे के कार्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी कनेक्शनों को इसमें शामिल किया जाएगा।
बकाए की चार किस्तों में होगी वसूली
सरकारी विभागों पर जून तक बिल का बकाया 3432.64 करोड़ रुपए पहुंचने का अनुमान है। 30 जून की स्थिति में बकाए को चार समान तिमाही किश्तों में जमा करना होगा।।
केंद्र की शर्त पूरी नहीं होने पर लागू करनी पड़ी व्यवस्था
यह व्यवस्था भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत लागू की जा रही है, जिसमें सरकारी बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर और प्री-पेड बिलिंग अनिवार्य है। समय पर यह व्यवस्था लागू नहीं होने के कारण केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाले अनुदान का एक तिहाई हिस्सा रोक दिया है। 21 मई को हुई समीक्षा बैठक में केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया था कि प्री-पेड बिलिंग हर हाल में लागू करनी होगी। नई व्यवस्था के संचालन में तकनीकी दिक्कतें दूर करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर टीम गठित की गई है, जबकि अधिकारियों की शंकाओं के समाधान के लिए नियमित ऑनलाइन बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
बैलेंस खत्म होने पर कटेगी बिजली
नई व्यवस्था में यदि किसी विभाग का बिजली बैलेंस महीने के अंत तक माइनस रहता है तो उस पर सरचार्ज लगाया जाएगा। तिमाही समाप्त होने के 15 दिन बाद भी रिचार्ज नहीं कराने पर बिजली आपूर्ति स्वत: बंद हो जाएगी। हालांकि आपात स्थिति में ‘मोर बिजली’ ऐप के चैटबॉट के माध्यम से बिना रिचार्ज के एक बार सात दिन के लिए अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति बहाल कराई जा सकेगी।
