
CGMSC का बड़ा एक्शन: सप्लाई में देरी पर 11 दवाइयां और इंजेक्शन ब्लैकलिस्ट, कंपनियों पर नहीं हुई कार्रवाई
CG News: सीजीएमएससी ने इस साल 11 दवाइयां व इंजेक्शन ब्लैकलिस्टेड किए गए हैं। दरअसल फार्मास्यूटिकल कंपनियों ने समय पर इनकी सप्लाई नहीं की। जबकि कंपनियों को ब्लैकलिस्टेड नहीं किया गया, क्योंकि ऐसा नियम नहीं है। दवा कॉर्पोरेशन ने दवाएं गुणवत्ताविहीन निकलने पर इस साल कोई कार्रवाई नहीं की है, जो आश्चर्यजनक है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दवाइयों की क्वालिटी पर उठ चुके सवाल
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) ने पिछले साल 660 करोड़ के रीएजेंट व मेडिकल इक्विपमेंट घोटाले में शामिल मोक्षित कॉर्पोरेशन समेत 7 कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखाया था। इस बार केवल प्रोडक्ट को ब्लैकलिस्टेड किया गया है। सीजीएमएससी से सप्लाई दवाइयों की क्वालिटी पर सवाल उठते रहे हैं। 660 करोड़ के रीएजेंट व मेडिकल उपकरण घोटाले में तत्कालीन हैल्थ डायरेक्टर व सीजीएमएससी के एमडी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जबकि वे खरीदी में सीधे जिम्मेदार थे। पिछले साल विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार 28 करोड़ के रीएजेंट खराब हो चुके हैं। यही नहीं मोक्षित द्वारा सप्लाई ब्लड जांचने वाली मशीन भी बंद है, क्योंकि इसे लॉक कर दिया गया है। ताकि मोक्षित से ही रीएजेंट का उपयोग किया सके। मोक्षित कॉर्पोरेशन के खिलाफ शिकायत 2022 में हुई थी, लेकिन मामला दबा दिया गया था। विधानसभा के मानसून सत्र में भी दवाइयों की क्वालिटी पर सवाल उठ चुके हैं।

