
NEET paper leak case: पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा एक्शन! 4 शहरों में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, रोज होगी सुनवाई
NEET paper leak case: पेपर लीक मामले को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार एक्शन में दिख रही है। दरअसल, पेपर लीक के मामले में औरंगाबाद और महाराष्ट्र के नागपुर, पश्चिम बंगाल के कोलकाता और मध्य प्रदेश के जबलपुर में दर्ज हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इन चारों जगहों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए इन राज्यों के चीफ जस्टिस को पत्र लिखेगी। इन फार्स्ट ट्रैक कोर्ट में रोज सुनवाई करवाई जाएगी जिससे दोषियों को जल्दी सजा मिले।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!PM मोदी ने फार्स्ट ट्रैक कोर्ट बनवाने का दिया था आश्वासन
इससे पहले आज (गुरुवार को) सुबह PM नरेंद्र मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की बात कही थी। PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया था, ‘देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।’
प्रधानमंत्री ने कही थी स्टूडेंट्स के हितों को सुरक्षा की बात
अपने X पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने आगे लिखा, ‘विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।’
NEET पेपर लीक पर जंतर-मंतर से संसद तक प्रदर्शन
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर से संसद तक प्रोटेस्ट जारी है। संसद में आज चौथे दिन भी हंगामा हुआ। हंगामे की वजह से आज भी दोनों सदनों की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। पेपर लीक को लेकर कांग्रेस लगातार सदन में चर्चा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है।
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विपक्ष लगातार बदल रहा अपना गोल पोस्ट- सरकार
वहीं, सरकार का कहना है कि विपक्ष लगातार अपना गोल पोस्ट बदल रहा है। सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार और NDA चाहती है कि पेपर लीक के मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा हो लेकिन ये चर्चा बिना शर्त हो, जबकि कांग्रेस पार्टी का कहना है कि पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, उसके बाद ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होगी। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने भी विपक्ष को घेरा था और कहा था कि पेपर लीक पर सरकार संसद में चर्चा को तैयार है लेकिन राहुल गांधी बताएं वो सेलेक्टिव क्यों हैं।

