Monsoon Health Tips: बारिश में गैस, अपच और ब्लोटिंग से बचना है? आयुष मंत्रालय ने बताया क्या खाएं, किन चीजों से करें परहेज

Monsoon Diet Tips : आयुष मंत्रालय के अनुसार, बरसात में पाचन शक्ति कमजोर हो सकती है. जानिए मानसून में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना बेहतर हो सकता है, आयुर्वेद में ऋतु का विशेष महत्व बताया गया है. छह ऋतुओं के दौरान शरीर में वात, पित्त और कफ दोष, पाचन अग्नि तथा शारीरिक बल में परिवर्तन होते हैं. इसलिए स्वस्थ रहने के लिए मौसम के अनुसार आहार में बदलाव करने की सलाह दी जाती है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, वर्षा ऋतु में पाचन अग्नि स्वाभाविक रूप से कमजोर हो जाती है. इससे भोजन का पाचन धीमा पड़ सकता है और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. ऐसे में ताजा, हल्का और गर्म भोजन करना सबसे उपयुक्त माना जाता है.
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Monsoon Health Tips: बारिश के मौसम में खानपान का ध्यान रखना क्यों जरूरी है?
बरसात का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं यह पाचन संबंधी समस्याओं को भी बढ़ा सकता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, वर्षा ऋतु में पाचन अग्नि यानी डाइजेस्टिव फायर स्वाभाविक रूप से कमजोर हो जाती है. ऐसे में भारी, तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन पचाने में दिक्कत हो सकती है. इसलिए इस मौसम में हल्का, ताजा और गर्म भोजन खाने की सलाह दी जाती है.
बरसात में पाचन क्यों हो जाता है कमजोर?
आयुर्वेद के अनुसार, मौसम में बढ़ी हुई नमी, ठंडी हवाएं और वातावरण में बदलाव पाचन शक्ति को प्रभावित कर सकते हैं. यही कारण है कि बरसात में कई लोगों को:
- अपच
- गैस
- ब्लोटिंग (पेट फूलना)
- एसिडिटी
- पेट दर्द
- सीने में जलन
जैसी समस्याएं अधिक परेशान कर सकती हैं.
बारिश में तला-भुना और मसालेदार खाना क्यों नहीं खाना चाहिए?
तैलीय और मसालेदार भोजन को पचाने के लिए शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. जब पाचन पहले से कमजोर हो, तो ऐसे खाद्य पदार्थ पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा, ज्यादा तैलीय भोजन सुस्ती और भारीपन भी बढ़ा सकता है.
बरसात में क्या खाना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन बेहतर विकल्प हो सकता है.
1. मूंग दाल और खिचड़ी
मूंग दाल और मूंग-चावल की खिचड़ी हल्की होती है और आसानी से पच जाती है.
2. दलिया
गेहूं या जौ का दलिया पेट पर कम दबाव डालता है और ऊर्जा भी देता है.
3. जौ और सत्तू
बरसात के मौसम में जौ (यव) और सत्तू का सेवन भी फायदेमंद माना जाता है.
4. उबली या हल्की पकी सब्जियां
- लौकी
- तुरई
- परवल
- टिंडा
- पालक
- मेथी
- भिंडी
जैसी सब्जियां पाचन के लिए बेहतर मानी जाती हैं.
5. छाछ और दही
सीमित मात्रा में दही या जीरा और सौंठ वाली छाछ पाचन को सपोर्ट कर सकती है.
मानसून में क्या पीना चाहिए?
बरसात के दौरान पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना भी जरूरी है.
बेहतर विकल्प:
- गुनगुना पानी
- अदरक की चाय
- जीरा पानी
- नारियल पानी
- हल्दी वाला गर्म दूध
ये पेय शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ पाचन को भी सपोर्ट कर सकते हैं.
हल्का भोजन करने के अन्य फायदे
- पाचन को बेहतर रखने में मदद
- भारीपन और सुस्ती से बचाव
- बेहतर नींद
- वजन नियंत्रण में सहायता
- मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट
विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन हमेशा ताजा, गर्म और कम मात्रा में करना चाहिए. जरूरत से अधिक भोजन करने से पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं. गुनगुना पानी, अदरक की चाय, जीरा पानी, नारियल पानी तथा रात में हल्दी वाला गुनगुना दूध लाभकारी माना जाता है. सौंठ या जीरे के साथ छाछ का सेवन भी पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है.
बरसात में सबसे अच्छा भोजन क्या है?
मूंग दाल, खिचड़ी, दलिया और हल्की पकी सब्जियां मानसून में अच्छे विकल्प माने जाते हैं.
क्या बारिश में तला-भुना खाना नुकसानदायक है?
ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन पाचन संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है.
बरसात में गैस और ब्लोटिंग से कैसे बचें?
हल्का भोजन करें, गुनगुना पानी पिएं और जरूरत से ज्यादा खाने से बचें.
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क्या मानसून में दही खाना चाहिए?
सीमित मात्रा में दही या छाछ का सेवन किया जा सकता है, लेकिन यह व्यक्ति की पाचन क्षमता पर भी निर्भर करता है.

