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छत्तीसगढ़

आयुक्त ने फिल्टर प्लांट का किया निरीक्षण, व्यर्थ बह रहे बैकवाॅश वाटर को पुनः संयंत्र में भेजने की प्रक्रिया देखी

आयुक्त ने फिल्टर प्लांट का किया निरीक्षण, व्यर्थ बह रहे बैकवाॅश वाटर को पुनः संयंत्र में भेजने की प्रक्रिया देखी

रायपुर। आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने राज्य शासन के नगरीय प्रषासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रषासन की लोकहितकारी मंषा के अनुरूप अमृत मिषन योजना के तहत 150 एमएलडी और 80 एमएलडी क्षमता के जलषुद्धीकरण संयंत्र हेतु भाठागांव फिल्टर प्लांट परिसर में प्रारंभ किये गये नये रिसर्कियुलेशन सिस्टम की प्रणाली एवं प्रक्रियाओं का वहां पहुंचकर वरिष्ठ अभियंता बद्री चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता जल नरसिंह फरेन्द्र की उपस्थिति में किया। इस संबंध में कार्यपालन अभियंता जल ने उन्हें प्रक्रियाओं एवं प्रणाली की निरीक्षण के दौरान जानकारी दी । आयुक्त ने वरिष्ठ अभियंता बद्री चंद्राकर से इस संबंध में चर्चा की ।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त को कार्यपालन अभियंता जल ने बताया कि जल शुद्धिकरण संयंत्रों के फिल्टर बेड की बैक वाशिंग एक निरंतर प्रक्रिया है, जिससे फिल्टर बेड को प्रतिदिन नियमित रूप से साफ किया जाता है। फिल्टर बेड को साफ करने में उपयुक्त होने वाले जल को बैक वाशिंग की प्रक्रिया उपरांत भूमिगत ड्रेन पाइप के माध्यम से ड्रेन आउट कर दिया जाता था। यह बैकवाश वाटर भाठागांव स्थित फिल्टरप्लांट परिसर से बाहर प्रोफेसर कॉलोनी नाले में सम्मिलित होता था। वर्षा ऋतु में नदी का पानी मटमैला होने के कारण जल शुद्धिकरण संयंत्रों के फिल्टर बेड की बैक वाशिंग प्रक्रिया को एक से अधिक बार दोहराये जाने की आवश्यकता पड़ती है, जिसके कारण अत्यधिक मात्रा में बैकवाश वाटर फिल्टर प्लांट परिसर से बाहर ड्रेन आउट होता है।
रिसर्कियुलेशन सिस्टम का संचालन प्रारंभ होने से 150 एमएलडी एवं 80 एमएलडी क्षमता के दोनों जल शुद्धिकरण संयंत्रों से निकलने वाले बैकवाश वाटर को पुनः संयंत्र में भेजा जा रहा है,जिससे कि व्यर्थ बह रहे बैकवाश वाटर का पुर्नचक्रण किया जा रहा है। दोनों जल शुद्धिकरण संयंत्रों से औसतन प्रतिदिन 6 एमएलडी बैकवाश वाटर फिल्टर प्लांट परिसर से बाहर ड्रेन आउट होता है एवं वर्षा ऋतु में यह आकड़ा 9 एमएलडी तक पहुंच जाता है। रिसर्कियुलेशन सिस्टम की कुल क्षमता प्रतिदिन 12 एमएलडी बैकवाश वाटर को संरक्षित करने की है। इसके संचालन से प्रतिदिन इतनी वृहद मात्रा में जल को संरक्षित किया जायेगा। इसके साथ ही वर्षा ऋतु में प्रोफेसर कॉलोनी नाले से लगे डुबान क्षेत्रों को जलमग्न होने से बचाया जा सकेगा। अमृत मिशन योजना के अंतर्गत फिल्टर प्लांट परिसर में ही नवनिर्मित 80 एमएलडी क्षमता के जल शुद्धिकरण संयंत्र में पूर्व से ही रिसर्कियुलेशन सिस्टम का प्रावधान होने के कारण विगत एक वर्ष से अधिक अवधि से निरंतर संचालित इस संयंत्र से बैकवाश वाटर का पुर्नचक्रण किया जा रहा है। नवीन रिसर्कियुलेशन सिस्टम का संचालन प्रारंभ होने से भाठागांव स्थित फिल्टर प्लांट परिसर में निर्मित तीनों जलशुद्धिकरण संयंत्रों (80 एमएलडी. 150 एमएलडी एवं नवीन 80 एमएलडी ) को ‘‘जीरो वेस्टेज वाटर ‘‘ संयंत्र कहा जा सकता है। आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान आवष्यक निर्देष कार्यपालन अभियंता जल को दिये ।

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